शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के बुरे प्रभाव से बचने के लिए 5 अचूक उपाय

शनिदेव को न्याय का देवता कहा जाता है। शनिदेव व्यक्ति को उनके कर्मों के अनुसार फल देते हैं।
ज्यादातर लोग शनिदेव का नाम सुनते ही घबरा जाते है।

By: Shaitan Prajapat

Published: 20 Feb 2021, 08:12 AM IST

शनिदेव को न्याय का देवता कहा जाता है। शनिदेव व्यक्ति को उनके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि देव मकर और कुंभ राशि के स्वामी है। शनि की छाया को बहुत ही अशुभ माना गया है। ज्यादातर लोग शनिदेव का नाम सुनते ही घबरा जाते है। अगर आपके कर्म अच्छे हैं और शनि आपकी कुंडली में मजबूत स्थिति में विराजमान हैं तो आप पर अच्छे प्रभाव ही देखने को मिलेंगे। लेकिन जिस जातक की कुंडली में शनि की स्थिति अच्छी नहीं है उनको जीवन में कई कठिनाइयों का सामना भी करना पड़ता है। ऐसा माना जाता है कि शनिदेव हर व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। ऐसे में शनि की महादशा, शनि की साढ़ेसाती और शनि की ढैय्या जिन लोगों पर रहती है उन्हें काफी सावधान रहने की जरूरत होती है।

आइए जानते हैं शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के बुरा प्रभाव से बचने के खास उपाय.....

— शास्त्रों में बताया गया है कि एक बार शनिदेव ने हनुमान जी को वचन दिया था कि जो भी हनुमान जी की पूजा करेगा उसे शनिदेव कभी परेशान नहीं करेंगे। इसलिए शनि की साढ़ेसाती के बुरे प्रभाव से बचने के लिए हनुमान जी की पूजा करें और हनुमान चालीसा का भी पाठ करें। इसके अलावा सुंदरकांड का पाठ और श्रीहनुमाष्टक का पाठ करने से भी शनि से मिलने वाले कष्ट कम हो जाते हैं।

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— ऐसा कहा जाता है कि यदि आप पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है, आप कई प्रकार की परेशानियों से घिरा पा रहे हैं। शमी के वृक्ष की जड़ को काले कपड़े में पिरोकर शनिवार की शाम दाहिने हाथ में बांधे तथा 'ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनिश्चराय नम:' मंत्र का तीन माला जप करें।

— किसी जातक को शनि की साढ़ेसाती की वजह से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हो तो प्रतिदिन और खासकर शनिवार के दिन सूर्यास्त के बाद पीपल के पेड़ के पास दीया जलाना काफी फायदेमंद हो सकता है। इससे शनिदेव की विशेष कृपा बनी रहती है और शनि से जुड़े सभी दोष भी खत्म हो जाते हैं।

— शनि से संबंधित दुष्प्रभावों को शांत करने के लिए आप चाहें तो शनिवार के दिन व्रत रखें और शनिदेव की पूजा करके उन्हें नीले रंग का फूल अर्पित करें। साथ ही इस दिन शनि से संबंधित चीजें जैसे- काली उड़द की दाल, काले वस्त्र, तेल, लोहा, काला तिल, आदि का दान करना भी फायदेमंद हो सकता हैं

— ऐसा माना जाता है कि शनि साढ़ेसाती से बचने के लिए शिव की उपासना एक सिद्ध उपाय है। नियमपूर्वक शिव सहस्त्रनाम या शिव के पंचाक्षरी मंत्र का पाठ करने से शनि के प्रकोप का भय जाता रहता है और सभी बाधाएं दूर होती हैं। इस उपाय से शनि द्वारा मिलने वाला नकारात्मक परिणाम समाप्त हो जाता है।

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