तिल द्वादशी 2021 : ऐसे करें विष्णु की पूजा, पापों से मिलेगी मुक्ति, जाग जाएगी सोयी किस्मत

तिल द्वादशी के दिन नदी में स्नान करने तथा दान करने का धार्मिक महत्व होता है।
इससे पुण्य की प्राप्ति होती है। आज के दिन श्रीहरि विष्णु की विधि विधान से पूजा अर्चना की जाती है।

By: Shaitan Prajapat

Published: 24 Feb 2021, 10:16 AM IST

नई दिल्ली। आज 24 फरवरी, 2021 और दिन बुधवार है। हिन्दी पंचांग के अनुसार, माघ मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि को तिल द्वादशी का व्रत होता है। आज के दिन नदी में स्नान करने तथा दान करने का धार्मिक महत्व होता है। इससे पुण्य की प्राप्ति होती है। आज के दिन श्रीहरि विष्णु की विधि विधान से पूजा अर्चना की जाती है। भगवान विष्णु की पूजा करने से सुख-समृद्धि मिलती है तथा मानसिक शांति और संतुष्टि भी प्राप्त होती है। इस व्रत से जातक के जीवन पर मंगलकारी प्रभाव होते हैं। माघ मास की द्वादशी तिथि को दिन-रात उपवास करके भगवान माधव की पूजा करने से मनुष्य को राजसूय यज्ञ का फल प्राप्त होता है।


तिल द्वादशी पूजा विधि
आज स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें। फिर तांबे के एक पात्र में सुगंध, तिल, अक्षत्, जल तथा फूल लेकर सूर्य मंत्र का उच्चारण करें। उसके साथ ही सूर्य देव के अर्घ्य दें। इसके बाद षोडशोपचार विधि से ओम नमो भगवते वासुदेवाय नमः मंत्र के जाप से भगवान विष्णु की पूजा करें। उनको धूप, दीप, फल, फूल, चावल, चंदन, मौली अर्पित करें। पंचामृत से स्नान कराएं। फिर विष्णु जी को तिल, तिल के लड्डू आदि का भोग लगाएं। संभव हो तो आपको पीले वस्त्र पहनना चाहिए।


तिल द्वादशी का महत्व
धार्मिक शास्त्रों मे बताया गया है कि तिल द्वादशी का व्रत करने से व्यक्ति को सभी प्रकार का सुख और वैभव प्राप्त होते है। सभी पापों का नाश होता है और मन से नकारात्मकता दूर होती है। श्री हरि की कृपा से मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसके अलावा पितृ तर्पण करने तथा हवन आदि का भी आज धार्मिक महत्व होता है। इस व्रत में गंगा स्नान करने वाले जातक मुक्ति को प्राप्त होते हैं ऐसी मान्यता है। यह भी माना गया है जो भी जातक समस्त विधि-विधान से ये व्रत करता है उसपर कृष्ण भगवान का आशीर्वाद बना रहता है।

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दान का महत्व
इस दिन खास तौर पर भगवान विष्णु का पूजन तिल से किया जाता है तथा पवित्र नदियों में स्नान व दान करने का नियम है। इनसे मनुष्य को शुभ फलों की प्राप्ति होती है। आज के दिन आपको किसी ब्राह्मण या दान के लिए योग्य व्यक्ति को तिल का दान करना चाहिए। मान्यता जाता है कि जो भी व्यक्ति यह व्रत करता है, उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।

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