ये हैं 14 जून के शुभ मुहूर्त एवं श्रेष्ठ नक्षत्र, जानिए आज का संपूर्ण पंचांग

उक्त शुभाशुभ समय, तिथि, वार, नक्षत्र व योगानुसार मंगलवार को गंगादशमी को स्वयंसिद्ध अनबूझ मुहूर्त है।

जयपुर। 14 जून 2016 मंगलवार है। इस दिन शुभ वि.सं.: 2073, संवत्सर नाम: सौम्य, अयन: उत्तर, शाके: 1938, हिजरी: 1437, मु.मास: रमजान-8, ऋ तु: ग्रीष्म, मास: ज्येष्ठ, पक्ष: शुक्ल है।




शुभ तिथि

दशमी पूर्णा संज्ञक तिथि सम्पूर्ण दिवारात्रि रहेगी। दशमी तिथि में समस्त शुभ व मांगलिक कार्य यथा-विवाह, प्रतिष्ठा, पौष्टिक, वास्तु- गृह निर्माण व प्रवेश, यात्रा, अलंकार, सवारी, नया वाहन लाना व राजकीय कार्यादि शुभ व सिद्ध होते हैं। पर शुक्रास्त दोष के रहते अभी विवाहादि मांगलिक कार्य वर्जित हैं। दशमी तिथि में जन्मा जातक सामान्यत: धनवान, प्रतिभावान, धर्मकार्यों का ज्ञाता, परोपकारी, कलाप्रिय तथा व्यवहार कुशल होता है।   





नक्षत्र

हस्त नक्षत्र सायं 5.15 तक, तदुपरान्त चित्रा संज्ञक नक्षत्र रहेगा। हस्त नक्षत्र में यात्रा, विद्या, विवाहादि मांगलिक कार्य, वस्त्रालंकार, दवा, गृहारम्भ और प्रतिष्ठा सम्बन्धी कार्य तथा चित्रा नक्षत्र में शान्ति, पुष्टता, वास्तु, अलंकार, वस्त्र, जनेऊ व कृषि सम्बन्धी कार्य करने योग्य हैं। 




हस्त नक्षत्र में जन्मा जातक मेधावी, तस्कर, योद्धा, अति उत्साही, सुखी, भाग्यशाली पर पाप योग के प्रभाव से क्रोधी, व्यसनग्रस्त, हिंसक, चरित्रहीन, कामलोलुप और अशुभ कर्मी होता है। इनका भाग्योदय लगभग 30-32 वर्ष की आयु तक होता है।




योग

वरियान नामक नैसर्गिक शुभ योग सम्पूर्ण दिवारात्रि।




विशिष्ट योग

दोष समूह नाशक रवियोग नामक शक्तिशाली शुभ योग सम्पूर्ण दिवारात्रि तथा कुमार योग नामक शुभ योग सायं 5.15 तक।




करण

तैतिल नाम करण सायं 6.12 तक, तदन्तर गरादि करण रहेंगे।




चन्द्रमा

सम्पूर्ण दिवारात्रि कन्या राशि में रहेगा।




परिवर्तन

रात्रि 11.20 पर सूर्यदेव मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। मिथुन की संक्रांति 30 मु. है। पुण्यकाल अगले दिन रहेगा।




व्रतोत्सव

गंगा दशमी (स्वयं सिद्ध अनबूझ मुहूर्त), गंगादशहरा व्रत समाप्त, मेला गंगा दशहरा (हरिद्वार में), बटुक भैरव जयंती, श्री रामेश्वर प्रतिष्ठा दिवस तथा रामेश्वर यात्रा दर्शन व पूजन।




शुभ मुहूर्त

उक्त शुभाशुभ समय, तिथि, वार, नक्षत्र व योगानुसार मंगलवार को गंगादशमी को स्वयंसिद्ध अनबूझ मुहूर्त है। अत: हस्त नक्षत्र में यथा आवश्यक विपणि-व्यापारारम्भ, मशीनरी कलकारखाना प्रारम्भ, प्रसूतिस्नान व जलवादि के शुभ मुहूर्त हैं।




दिशाशूल

मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। अति आवश्यकता में कुछ गुड़ खाकर शूल दिशा की अनिवार्य यात्रा पर प्रस्थान किया जा सकता है। वैसे चन्द्र स्थिति के अनुसार दक्षिण दिशा की यात्रा लाभदायक व शुभप्रद रहेगी।




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