Chhath Puja 2020: छठ पर्व पर महिलाएं नाक से मांग तक क्यों भरती हैं सिंदूर , जानें इसके पीछे की खास वजह

  • दिवाली के बाद हिंदूओं का छठ(Chhath Puja 2020) सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है
  • छठ पूजा के व्रत को कठिन उपवासों में से एक माना जाता है

By: Pratibha Tripathi

Updated: 20 Nov 2020, 10:17 AM IST

नई दिल्ली। पूरे देश में छठ पूजा (Chhath Puja 2020)का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। आज छठ पूजा की दूसरा दिन है। महिलाएं रोज सुबह उठकर पूरा साज श्रृंगार के साथ सूर्य देवता को अर्घ्य देने के लिए घाट तलाब नदी में पूजा करते देखी जा रही है। यह त्यौहार सबसे कठिन व्रतों में से एक माना गया है। यह पर्व चार दिन का होता है। आज छठ का दूसरा दिन खरना (Kharna) है। लेकिन आपने कभी इस बात पर गौर किया है कि बिहार में महिलाएं मांग से लेकर नाक तक सिंदूर भरकर पूजा करती है। क्या है इसकी खास वजह। आज हम आपको बताएंगे कि छठ पर्व पर महिलाएं लंबा सिंदूर मांग में क्यों भरती हैं और इसका क्या महत्व है।

पति की लंबी उम्र

शादीशुदा महिलाएं इस व्रत का पालन पूरे श्रृंगार के साथ करती हैं। इस पर्व में सिंदूर लगाना काफी जरूरी होता है। सिंदूर सौभाग्य का प्रतीक होता है। सुहागन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए मांग में सिंदूर भरती हैं। इस पावन पर्व पर महिलाएं संतरंगी रंग के सिंदूर से अपनी मांग भरती हैं। कहा जाता है कि मांग में जितना लंबा सिंदूर लगाया जाता है, पति की उम्र उतनी ही लंबी होती है।

पति की सफलता

मान्यता है कि छठ पूजा में जो महिलाएं मांग से नाक तक सिंदूर लगाती हैं, उनकी हर मनोकामना पूर्ण होती है। घर में हमेशा खुशहाली बनी रहती है

सुख-समृद्धि और शान्ति का वास

छठ पूजा के दिन मांग में गाढ़ा और लंबा सिंदूर भरने से घर और परिवार में सुख-समृद्धि और शान्ति बनी रहती है।

सूर्यदेव होते हैं प्रसन्न

मान्यता के अनुसार, जो महिलाएं छठ पर्व पर मांग में लंबा सिंदूर भरकर सूर्यदेवे को अर्घ्य देती हैं, उनसे देवता भी प्रसन्न रहते हैं और व्रती की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।

Pratibha Tripathi
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