Basant Panchami 2021: बसंत पंचमी को क्यों की जाती है मां सरस्वरती की पूजा, जानें इसका महत्व

  • इस वर्ष बसंत पंचमी(Basant Panchami 2021) का 16 फरवरी दिन मंगलवार को पड़ रही है
  • बसंत पंचमी के पर्व से बसंत ऋतु का आगमन माना जाता है

By: Pratibha Tripathi

Published: 09 Feb 2021, 05:52 PM IST

नई दिल्ली। आज 16 फरवरी को शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का त्यौहार मनाया जा रहा है। इस साल बसंत पंचमी 16 फरवरी दिन मंगलवार को पड़ रही है। ज्ञान और स्वर की देवी मां सरस्वती की पूजा के बाद से ही बसंत ऋतु का आगमन होता है। मां सरस्वती की कृपा से व्यक्ति को ज्ञान, बुद्धि का विकास होता है।

यह दिन विद्यार्थियों के साथ साथ विज्ञान, कला और संगीत के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए विशेष होता है। इसलिए हर छात्रों को मां सरस्वती की पूजा करने के लिए बोला जाता है।इनकी कृपा प्राप्त करने लिए भी शुभ मुहूर्त पर पूजा करना काफी शुभमाना जाता है। शुभ महुर्त में पूजा करने से विशेष लाभ भी मिलता है। मां सरस्वती को पीला रंग बहुत पसंद है।

चलिए जानते हैं बसंत पंचमी क्यों की जाती है मां सरस्वती की पूजा, क्या है पूजा का शुभ मुहूर्त, तिथि और भोग। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार माघ मास में शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को संगीत की देवी मां सरस्वती की उत्पत्ति हुई थी। इसलिए बसंत पंचमी पर सरस्वती माता की पूजा करते हैं।

इस दिन मां सरस्वती की पूजा करने के दौरान पीले पुष्प, पीले रंग की मिठाई अर्पित करनी चाहिए। मां सरस्वती का केसर या पीले चंदन का तिलक करना चाहिए एवं उन्होंने पीले रंग के वस्त्र भेंट करने चाहिए।

बसंत पंचमी 2021 मुहूर्त

पंचमी तिथि का प्रारंभ- 16 फरवरी 2021 को प्रातः 03 बजकर 36 मिनट से

पंचमी तिथि समाप्त- 17 फरवरी 2021 को दिन बुधवार सुबह 05 बजकर 46 मिनट तक

Pratibha Tripathi
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