पति की आयु रखनी है लम्बी, तो करवा चौथ पर महिलाएं भूलकर भी ना करें यह गलतियां

  • इस साल करवाचौथ 4 नवंबर को पड़ रहा है
  • इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं

By: Pratibha Tripathi

Updated: 28 Oct 2020, 11:52 AM IST

नई दिल्ली। करवाचौथ का त्योहार पति पत्नि के बीच प्रेम, त्याग, समपर्ण, का प्रतीक माना जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपनी पति की लंबी उम्र की कामना करने के लिए निर्जल व्रत रखती हैं। इस साल करवाचौथ 4 नवंबर को पड़ रहा है। इस दिन महिलाएं पूरे श्रृंगार के साथ रात में चांद की पूजा करने के बाद ही अपना व्रत तोड़ती है। ये व्रत सूर्योदय से पहले शुरू होता है और चांद निकलने के बाद तोड़ा जाता है। इस व्रत के करते समय काफी सावधानियां बरतनी पड़ती है। आइए जानते हैं इस व्रत को करते समय हमें किन-किन बातों के ध्यान विशेष रूप से रखना चाहिए।

देर तक न सोएं

करवाचौथ के दिन महिलाए सूर्योदय से पहले उठकर व्रत के नियमों का पलन करने लग जाती है। इस दिन सुबह उठकर सास के द्वारा दी जाने वाली सरगी को प्रसाद के रूप में ग्रहण करना काफी आवश्यक होता है। व्रत शुरू होने से पहले सास अपनी बहू को कुछ मिठाइयां, कपड़े और श्रृंगार का सामान देती है। सुर्योदय से पहले महिलाओं को सरगी का भोजन कर लेना चाहिए। इसके बाद से भगवान की पूजा करके निर्जला व्रत का संकल्प लेंना चाहिए।

भूरे और काले रंग के कपड़े न पहनें

करवाचौथ के दिन महिलाओं को भूरे और काले रंग के कपड़े नही पहनना चाहिए। यह रंग पूजा-पाठ के लिए शुभ नहीं माना जाता है।इसकी जगह आप लाल रंग की कपड़े धारण करें। क्योंकि लाल रंग प्यार का प्रतीक माना जाता है।

पूजा से ध्यान न भटकाएं

करवाचौथ के दिन महिलाओं को पूरे दिन अपना ध्यान पूजा पाठ में लगाना चाहिए। कुछ महिलाएं इस दिन समय व्यतीत करने के लिए टीवी पर रोमांटिक फिल्में देखती हैं या गपशप करती हैं। और भक्ति भाव के ध्यान से भटक जाती है। इस दिन पूजा से पहले और बाद में भजन-कीर्तन जरूर करें।

सोते सदस्य को न उठाएं

खुद न सोने के अलावा इस दिन महिलाओं को घर के किसी भी सोते हुए सदस्य के उठाना नहीं चाहिए। हिंदू शास्त्रों के अनुसार करवा चौथ के दिन किसी सोते हुए व्यक्ति को नींद से उठाना अशुभ होता है

Pratibha Tripathi
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