युवक ने कहा तू जा अकेले मामी के घर में और... आगे की कहनी है हैरान करने वाली

घटना की वजह नहीं जान सकी पुलिस रिमांड लेने की तैयारी.

By: Abhishek Gupta

Published: 11 Nov 2017, 08:15 PM IST

औरैया. घटना ऐसी की सुनकर हैरान हो जाएंगे आप। रिश्तों को तार-तार करती इस घटना से परिजन और आसपास के लोग हैरान हैं। रूपयों के लालच में एक युवक ने अपने साथी के साथ मिलकर अपनी ही मामी की हत्या करने का प्रयास किया। लेकिन किसी तरह वो बच गई।

जनपद के दिवियापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत नगर के मोहल्ला राणा नगर में प्रकाश कॉलोनी निवासी एक महिला का गला रेतकर मरणासन्न हालत में छोड़ जाने के मामले में पुलिस ने शनिवार को महिला के भांजे और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पूछताछ में पुलिस आरोपियों से घटना के पीछे का असल कारण नहीं जान सकी है। आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिशों में मनगढ़ंत कहानियां सुनाई है।

बता दें कि प्रकाश कॉलोनी निवासी भारत सरकार के कृषि मंत्रालय में बतौर बागवानी अफसर पदस्थ डॉक्टर शांता कुमार द्विवेदी की वृद्ध मां पिछले सप्ताह अपने राणा नगर प्रकाश कॉलोनी स्थित घर में मरणासन्न हालत में मिली थी। उनका गला रेता गया था। गंभीर हालत में उन्हें कानपुर के रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल से छुट्टी के बाद दिव्यापुर पहुंची बागवानी अफसर की मां कृष्णा देवी ने अपने फफूंद में रहने वाले भांजे दीपक शुक्ला पुत्र उमाकांत शुक्ल व उसके साथ अपने घर पर आने वाले उसके एक दोस्त पर घटना को अंजाम देने का आरोप लगाते हुए दिव्यापुर थाने में तहरीर दी थी। इसके आधार पर खोजबीन करते हुए पुलिस आगे बढ़ी और शनिवार को पुलिस ने दोनों को कमारा नहर पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया।

भांजे ने अकेले भेजा दोस्त को मामी के यहां

आरोपी राकेश ने बताया कि दीपक ने ही उसे हत्या के लिए जर्मनी मेड चाकू, 5000 रुपए और 1 किलो सिंघाड़ा दिया था। राकेश का कहना है कि वह नशे की हालत में था। दीपक ने उसे अकेले ही महिला की हत्या करने के लिए घर भेज दिया। जबकि खुद सड़क पर खड़ा रहा। राकेश महिला को मरा समझकर घर से भाग निकला था। राकेश और दीपक से पुलिस यह नहीं जान सकी कि आखिर महिला की हत्या की साजिश के पीछे की वजह क्या थी। आरोपियों ने इस संबंध में तरह-तरह की कहानियां गड़कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। कभी घटना के पीछे संपत्ति का विवाद कारण बताया। तो कभी लूट की वारदात को अंजाम देने के लिए महिला का गला रेतना बताया।

फिलहाल पुलिस किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी है। पुलिस ने शनिवार को दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया, पर अब उन्हें घटना की तह तक जाने के लिए रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी करने वाली टीम में SSI नफीस सिद्दीकी, SI रामबरन सिंह, SI विश्व प्रकाश यादव व एम के एस तोमर प्रमुख रहे।

Abhishek Gupta
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