महीनों से बच्चों को नहीं मिल रहा भोजन, प्रधानाचार्य करते है राशन चोरी

विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रेमनारायण पर वहां के ग्रामीणों ने राशन सामग्री बेचनें का आरोप लगाया।

By: आलोक पाण्डेय

Published: 11 Sep 2017, 05:06 PM IST

औरैया। सरकार के लाख जतन के बाबजूद भी कर्मचारियो में कोई खौफ नहीँ है। प्राथमिक विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था के नाम पर लाखों खर्च किये जा रहे हैं लेकिन अधयापक अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाना चाहते है। ऐसे ही हालात जनपद के भाग्यनगर विकास खंड के जमौली ग्राम के प्राथमिक विद्यालय में बीते एक माह से मिडडेमील का भोजन नही बन रहा है। विद्यालय में पढ़ रहे बच्चों ने बताया कि एक महीने से हम लोगों को खाने में कुछ भी नहीं दिया गया है।

विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रेमनारायण पर वहां के ग्रामीणों ने राशन सामग्री बेचनें का आरोप लगाया। इसके अलावा बच्चों को आने वाली सब्जी और फल वे अपने घर ले जाते है। पूर्व में उनको पकड़ा गया था तो विद्यालय शिक्षा  मित्रों के भरोसे चल रहा रहा था। प्रधानाचार्य रजिस्टर में हस्ताक्षर करने के बाद वहां से लापता थे। वहां तैनात शिक्षा मित्र निशा देवी और विमल किशोर ने बताया कि प्रधानाचार्य जरूरी काम से गये हुए है। न विद्यालय में सफाई देखने को मिली। विद्यालय के एमडीएम के नाम पर जो भुगतान किया जाता है उसमें प्रधान के भी हस्ताक्षर होते है। जो चेक नहीं दे रहे है। उक्त के संबंध में प्रधान गोपीचंद ने बताया कि प्रधानाचार्य राशन की चोरी करते हैं। और मानक के अनुरूप बच्चों को न भोजन, दूध, फल आदि भी नहीं दिया जाता है। उक्त को चोरी कर सामान ले जाते हुए खुद और ग्रामीणों ने पकड़ा है।

उन्होंने बताया कि एमडीएम में अभी भी 53 हजार रुपये है। इसकी चोरी के कारण चेक नहीं दिया जा रहा है। जिसकी शिकायत जिलाशिकारी को की जा चुकी है। जब तक जिला प्रशासन से कोई जिम्मेदार व्यक्ति को एमडीएम की जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी तब तक चेक नही दी जाएगी। वहां मौजूद ग्रामीणों शिवकुमार, संदीप सिंह, अतुल कुशवाहा, विजय कश्यप, शुखवीर कश्यप, तेज सिंह कुशवाहा ने भी प्रधानाचार्य की करतूतों के बारे में अवगत कराया। 

आलोक पाण्डेय
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