कुदरत और सिस्टम की मार से जूझ रहा यूपी किसान, बढ़ रहे सुसाइड के मामले

कुदरत और सिस्टम की मार से जूझ रहा यूपी किसान, बढ़ रहे सुसाइड के मामले
उत्तर प्रदेश का किसान कुदरत और सिस्टम की मार से जूझ रहा है

Hariom Dwivedi | Publish: Oct, 09 2019 05:42:33 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

- दो महीनों के भीतर बुंदेलखंड के 17 किसान दे चुके हैं अपनी जान
- जानकारों बोले- हालात न सुधरे तो किसान और भी गंभीर कदम उठा सकते हैं

लखनऊ. उत्तर प्रदेश का किसान कुदरत और सिस्टम की मार से जूझ रहा है। उनकी आफत कम होने का नाम नहीं ले रही है। मौसम की मार और कर्ज के बोझ तले दबे किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं। वर्ष 2015 में ओलावृष्टि के बाद चौपट हुई फसल देख एक महीने में ही करीब 69 ने आत्महत्या कर ली थी। इस बार भी कमोवेश वैसा ही होता दिख रहा है। दो महीनों के भीतर बुंदेलखंड के 17 किसान अपनी जान दे चुके हैं। रही कसर कृषि विभाग ने किसानों को नकली बीज देकर पूरी कर दी। पश्चिम उत्तर प्रदेश के पांच जिलों में यह बीज एक अमेरिकन कम्पनी द्वारा आपूर्ति किए गए थे। जानकारों का कहना है कि अगर हालात न सुधरे तो किसान और भी गंभीर कदम उठा सकते हैं। किसानों की हालत पर कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट करके कहा है कि किसानों के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों में यदा-कदा किसानों की आत्महत्या के मुद्दे उठते रहे हैं। कभी समाजवादी पार्टी तो कभी बसपा और कभी कांग्रेस ने किसान के मुद्दों लेकर सरकार को घेरा, लेकिन अन्नदाता की हालत जस की तस है। ओलावृष्टि, सूखा और बाढ़ जैसी दैवीय आपदा भी किसानों को खून के आंसू रोने को विवश कर देती है। तत्काल मुआवजों का ऐलान भी होता है, लेकिन फिर सभी भूल जाते हैं। बुंदलेखंड के किसान नेता शिवनारायण परिहार कहते हैं कि किसानों तक मुआवजा पहुंचते-पहुंचते लंबा वक्त लग जाता है और जो मुआवजा मिलता भी है, वह ऊंट के मुंह में जीरा ही साबित होता है।

कृषि विभाग के उपनिदेशक बोले
किसानों के नुकसान की रिपोर्ट मंगाई गई है। यूपी के 25 जिले भारी वर्षा से प्रभावित थे। जिलों से रिपोर्ट आने के बाद शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। जिलाधिकारियों ने तुरंत राहत पहुंचाने का काम किया है।- आरके पांडेय, उपनिदेशक, कृषि विभाग

सरकार को किसानों की याद केवल विज्ञापनों में आती है : प्रियंका गांधी
उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों को परेशान करने के कई तरीके ईजाद किए हैं। कर्जमाफी के नाम पर धोखा किया। बिजली बिल के नाम पर उनको जेल में डाला। और बाढ़-बारिश से बर्बाद फसल का कोई मुआवजा नहीं मिल रहा है। उप्र में भाजपा सरकार को किसान की याद केवल विज्ञापन में आती है।- प्रियंका गांधी, कांग्रेस महासचिव

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