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पुरानी गाड़ी खरीदना फायदे का सौदा! सेकेंड हैंड कार खरीदते समय ध्यान रखें ये 5 बातें, नहीं होगा नुकसान

कार के मेंटेनेंस के इतिहास के बारे में मालिक के साथ खुलकर बातचीत करें। यदि आपको सही रिकॉर्ड मिलते हैं, तो आप अपने उपयोग के आधार पर इसकी जांच करें।

नई दिल्ली

Updated: December 27, 2021 03:01:25 pm

देश में यूज्ड कारों को खरीदनें वाले लोगों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, कुछ लोग एक नया वाहन खरीदने से पहले अपनी ड्राइविंग को सुधारने के लिए भी एक पुरानी कार खरीदते हैं, जबकि कुछ बजट की कमी के कारण यूज्ड कार को खरीदते हैं। खैर, इन वाहनों को खरीदने का कारण जो भी हो, कार चाहे पुरानी हो या नई यह हमेशा अपने मालिक को प्रिय होती है।

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Second Hand Car Tips

इस क्षेत्र की लोकप्रियता को देखते हुए आजकल कई प्रसिद्ध कार ब्रांडों ने पुरानी कारों के क्षेत्र में कदम रखा है, इसलिए, आपके पास बहुत सारे विकल्प हैं। हालाँकि, आपको उन विकल्पों का अनुसरण करते समय चौकस और सतर्क रहने की आवश्यकता है, जिसके बारे में हम बताने जा रहे हैं।

कार की स्थिति की जाँच करें


जब आप अपनी पसंद की कार चुन लेते हैं, तो खरीदारी के निर्णय पर पहुंचने के लिए छोटी छोटी चीजों का ध्यान रखने की आवश्यकता होती है। अगर आपको कार के तकनीकी पहलुओं के बारे में अच्छी जानकारी है, तो आप खुद वाहन की जांच कर सकते हैं या फिर किसी भरोसेमंद मैकेनिक की मदद ले सकते हैं। हालाँकि, बाहर से चीजें सामान्य लग सकती हैं, लेकिन मैकेनिक इंजन व कार के अन्य भागों के बारे में आपको सही जानकारी दे पाएगा।

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मेंटेनेंस रिकॉर्ड

कुछ कार मालिक सावधानीपूर्वक सर्विसिंग रिकॉर्ड बनाए रखते हैं। उनके पास रसीदें और तारीखें भी नोट की गई होती हैं। दूसरी ओर, कुछ मालिक रिकॉर्ड बनाए रखने की दिशा में बहुत अधिक विचार नहीं करते हैं। वे सर्विस सेंटर पर उनके द्वारा लगाए गए चक्कर को सिर्फ अपने दिमाग में नोट रखते हैं।

कार के मेंटेनेंस के इतिहास के बारे में मालिक के साथ खुलकर बातचीत करें। यदि आपको सही रिकॉर्ड मिलते हैं, तो आप अपने उपयोग के आधार पर इसकी जांच करें। वहीं अगर आपको मौखिक इतिहास मिलता है, तो आप विश्लेषण कर सकते हैं कि कार को किस हद तक सर्विसिंग की आवश्यकता है।

रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जांचें


पुरानी कार को खरीदने से पहले उस वाहन के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट को जांच करें। इसमें मालिक का नाम और कार के विवरण सहित इंजन नंबर, चेसिस नंबर आदि की जानकारी प्राप्त करें। यदि यह डुप्लीकेट है, तो इसे डीआरसी (Duplicate registration certificate) के रूप में चिह्नित किया जाएगा। उस स्थिति में, विक्रेता से डीआरसी स्थिति के बारे में बात करें और जांचें कि कार किस राज्य में रजिस्टर थी। हालांकि अगर आप दूसरे राज्य में जाना चाहते हैं, तो कार को उस राज्य के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में पंजीकृत कराना होगा।

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इंश्योरेंस पॉलिसी पर दें ध्यान

सेकेंड-हैंड कार खरीदते समय, पुरानी कार बीमा को नए मालिक के नाम पर ट्रांसफर करने की आवश्यकता होती है। यदि विक्रेता इसे सक्रिय रूप से नहीं करता है, तो इसे ट्रांसफर करने की जिम्मेदारी खरीदार की है। यदि कार बीमा को नए मालिक के नाम पर स्थानांतरित नहीं किया जाता है और वाहन दुर्घटना या ऐसी अन्य दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं में शामिल है, तो कानूनी मुद्दे हो सकते हैं। ऐसे में हमेशा पुरानी कार को खरीदनें से पहले बीमा कवरेज की सीमा की जांच करनी चाहिए।


नो क्लेम बोनस करवाएं ट्रांसफर

यह बिंदु कार बीमा से ही संबंधित है। एनसीबी (No Clain Bonus) पॉलिसी अवधि के दौरान दावा दायर नहीं करने का इनाम है। इसलिए, इसे नो क्लेम बोनस (NCB) के रूप में जाना जाता है। यह बोनस आपकी कार की बीमा पॉलिसी को रिन्यू करते समय आपको छूट दिला सकता है। ऐसा बोनस कार के मालिक से जुड़ा होता है न कि कार से। नो क्लेम बोनस का ट्रांसफर मालिक की पुरानी कार से उसी मालिक की नई कार में हो सकता है, लेकिन विक्रेता से खरीदार को नहीं।

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