परिषदीय विद्यालयों में मानक के अनुसार न बंटा ड्रेस तो प्रधानाध्यापक और खण्ड शिक्षा अधिकारी होंगे ज़िम्मेदार

परिषदीय विद्यालयों में मानक के अनुसार न बंटा ड्रेस तो प्रधानाध्यापक और खण्ड शिक्षा अधिकारी होंगे ज़िम्मेदार

Anoop Kumar | Publish: Jun, 25 2019 08:50:05 AM (IST) Ayodhya, Ayodhya, Uttar Pradesh, India

सरकारी स्कूलों में न बना मध्यान्ह भोजन तो होगी ज़िम्मेदारों पर कड़ी कार्यवाही


अयोध्या : कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने परिषदीय विद्यालय के समस्त खण्ड शिक्षा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये कि प्रधानाध्यापकों की बैठक में उन्हें स्पष्ट कर दे कि छात्र-छात्राओं को वितरित होने वाला निःशुल्क ड्रेस उच्च कोटि का होना चाहिए। सबसे पहले मानक के अनुसार कपड़ा क्रय कर भिगोकर यह देख लें कि वह कपड़ा रंग तो नही छोड़ रहा है। उन्होनें कहा कि मानक के अनुसार ड्रेस न होने पर प्रधानाध्यापक के साथ-2 खण्ड शिक्षा अधिकारी सीेधें जिम्मेदार होंगे | जिलाधिकारी ने बताया कि एक यूनिफार्म के लिए पहले 200 रूपये की दर से बजट प्राप्त होते थे, जिसे शासन ने बढ़ाकर 300 रूपये कर दिया है। प्रत्येक छात्र-छात्राओं को 2 जोड़े ड्रेस वर्ष में दिये जाते है। इस हिसाब से एक बालक/बालिका के दो सेट ड्रेस पर 600 रूपये की दर भुगतान किया जायेगा। उन्होनें बताया कि 1 लाख 94 हजार छात्र-छात्राओं के ड्रेस वितरण हेतु शासन से 8 करोड़ 76 लाख रूपये का बजट प्राप्त हुआ है।

सरकारी स्कूलों में न बना मध्यान्ह भोजन तो होगी ज़िम्मेदारों पर कड़ी कार्यवाही

जिलाधिकारी ने बैठक में कहा कि ड्रेस की गुणवत्ता चेक करने के लिए वे स्वयं स्कूल जायेंगे तथा किसी को भी भेजकर चेक करा सकते है। जिलाधिकारी ने कहा कि जिस कपड़े का ड्रेस सिला जाए उसका सैम्पुल अवश्य स्कूल में रखा जाए। एक जुलाई से कक्षायें विधिवत शुरू कर पठन-पाठन के स्तर को ऊपर उठाये। जिलाधिकारी ने सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों से कहा कि मैं यह कदापि नहीं सुनुगां कि विद्यालय में मध्यान्ह भोजन नही बन रहा है, यदि कहीं समस्या है तो वहां के समस्या का समाधान करायें तथा कृत कार्यवाही से भी अवगत करायें।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्रीमती अमिता सिंह ने बैठक में सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों से कहा कि कल सभी प्रधानाध्यापकों के साथ बैठक कर उन्हें निर्देशित करें कि अपने स्कूल के आस-पास के दर्जीयों को चिन्हित कर लें, तथा 27 जून को जब बच्चें स्कूल आए तो उनके नाप उसी दिन कराकर ड्रेस सिलने को दे दें। इसमें किसी प्रकार की शिथिलता नहीं होनी चाहिए। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि ड्रेस के बजट के साथ जूता-मोजा व सभी पुस्तकें प्राप्त हो गयी है जिनका वितरण 27 जून से 30 जून के मध्य किया जाना है।

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