कुछ ऐसी दिख रही है अयोध्या आखिर कहां गई सीएम योगी की 133 करोड़ की योजना

अयोध्या के विकास को लेकर सबसे ज्यादा उम्मीद भाजपा सरकार से थी लेकिन नही बदले हालात

By: अनूप कुमार

Published: 16 May 2018, 04:15 PM IST

अयोध्या : पूरी दुनिया में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन जन्म स्थली के रूप में प्रसिद्ध धार्मिक नगरी अयोध्या हिंदू धर्म संप्रदाय के अलावा मुस्लिम सिख जैन और बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए भी आस्था और श्रद्धा का केंद्र है . जहां इन विभिन्न धर्मों के गुरुओं प्रवर्तकों और खलीफाओं ने ज्ञान प्राप्त किया है और तप किया है . त्रेता युग से कलयुग तक रामनगरी अयोध्या में विभिन्न बदलाव आए ,श्री रामचरितमानस में उल्लिखित प्रसंगों के आधार पर धार्मिक नगरी अयोध्या के विभिन्न स्थानों को भगवान राम से जोड़कर मंदिरों का निर्माण कराया गया .यह प्राचीन नगरी विश्व पटल पर आस्था और की केंद्र होने के साथ पर्यटन का केंद्र बने इसके लिए अलग-अलग सरकारों ने बड़ी-बड़ी योजनाएं लागू की . लेकिन जिस सरकार से अयोध्या वासियों को सबसे ज्यादा उम्मीद थी वह थी भारतीय जनता पार्टी की सरकार, क्योंकि कहीं ना कहीं भाजपा की राजनीति की धुरी धार्मिक नगरी अयोध्या रही है ,ऐसे में उम्मीद थी कि जब भाजपा की सरकार केंद्र प्रदेश में होगी इस पौराणिक नगरी का चहुमुखी विकास होगा .लेकिन विकास किस तरह से हो रहा है यह सिर्फ एक तस्वीर से आप अंदाजा लगा सकते हैं .

अयोध्या के विकास को लेकर सबसे ज्यादा उम्मीद भाजपा सरकार से थी लेकिन नही बदले हालात

करीब डेढ़ साल से अधिक का वक्त बीत जाने के बाद भी प्रदेश की योगी सरकार अयोध्या में कोई ऐसी योजना धरातल पर नहीं ला पाई है जिसे देख कर कहा जा सके कि भाजपा सरकार अयोध्या के विकास के लिए संजीदा है . आलम यह है कि अयोध्या के अलग-अलग हिस्सों में गंदगी और जलभराव की समस्या बनी रहती है . खासकर बरसात के मौसम में यह समस्या और बढ़ जाती है .अयोध्या के रेलवे स्टेशन से लेकर प्रमुख मंदिरों के क्षेत्र में भी गंदगी का अंबार अक्सर दिखाई देता है . अयोध्या के विकास के लिए प्रदेश सरकार द्वारा घोषित की गई तमाम योजनाएं फाइलों में कैद होकर योगी सरकार के दावों को मुंह चिढ़ा रहे हैं . साल 2017 में अयोध्या में दीपावली महोत्सव के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 133 करोड़ की विभिन्न योजनाओं का घोषणा की थी . लेकिन इनमें से कोई एक योजना भी धरातल पर नहीं दिख रही है यह तस्वीर यह बताने के लिए काफी है कि अयोध्या के हालात क्या हैं . धार्मिक नगरी अयोध्या को विश्व पर्यटन के पटल पर ले जाने का दावा करने वाले देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दावे अभी तक हवा-हवाई ही साबित हुए हैं और धार्मिक नगरी अयोध्या की हालत आज भी वही है जैसी दशकों पहले थी .

अनूप कुमार Desk/Reporting
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