कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर अयोध्या में दिखा बंदिशों का असर, इतनी घट गई श्रद्घालुओं की संख्या

राममंदिर पर फैसले के बाद सुरक्षा के लिए लगाई गई बंदिशों का असर राम की नगरी में कार्तिक पूर्णिमा स्नान के मौके पर नजर आया

अयोध्या. राममंदिर पर फैसले के बाद सुरक्षा के लिए लगाई गई बंदिशों का असर राम की नगरी में कार्तिक पूर्णिमा स्नान के मौके पर नजर आया। कड़ी सुरक्षा-व्यवस्था के बीच अयोध्या पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं ने सरयू में आस्था की डुबकी लगाई और भगवान श्रीरामलला के दर्शन किये। रामनगरी में भले ही सुबह से श्रद्धालुओं का तांता लगा था, बावजूद बीते वर्षों की तुलना में इस बार श्रद्घालुओं की संख्या कम नजर आई। पुरोहित समिति के अध्यक्ष ओम प्रकाश पांडेय का कहना है कि हर साल जहां कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर 10-15 लाख श्रद्घालु आते थे। इस बार यह भीड़ पांच लाख तक भी नहीं पहुंच पाई।

कार्तिक पूर्णिमा पर पवित्र सरयू में स्नान का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन सरयू में स्नान कर दान करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है। कार्तिक माह प्रारंभ होते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु कल्पवास करने के लिए अयोध्या पहुंचते हैं। एक महीने के कल्पवास के बाद कार्तिक पूर्णिमा स्नान कर मंदिरों में पूजा-पाठ किया जाता है।

ऐसी है रामनगरी की सुरक्षा-व्यवस्था
रामनगरी में जहां बड़ी संख्या में जवान तैनात हैं, वहीं सीसीटीवी व ड्रोन कैमरों से पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर मंगलवार को अयोध्या पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं के वाहन को मेला क्षेत्र के बाहर रखा गया। बाहर से आने वाले मेलार्थियों के जांच के साथ उनके आइडी प्रूफ की भी जांच की जाती रही। अयोध्या मंडल के कमिश्नर और आईजी रेंज ने हेलिकाप्टर से पूरे मेला क्षेत्र का निरीक्षण का सुरक्षा-व्यवस्था का जायजा लिया।

आईजी रेंज बोले
आईजी रेंज अयोध्या संजीव गुप्ता ने बताया कि कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर भारी संख्या में श्रद्धालु आए हैं, जिसके लिए सभी घाटों पर पर्याप्त मात्रा में जल पुलिस व पीएसी की कंपनियों को लगाया गया है। यह सभी सरयू घाट पर व्यवस्था देख रहे हैं। पूरे मेला क्षेत्र को जोन व सेक्टरों में बांटकर पर्याप्त संख्या में पुलिस के जवानों लगाया गया है। साथ ही एटीएस वह जिले की स्क्वायड टीम भी तैनात है। अयोध्या में किसी भी प्रकार की कोई गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी।

Hariom Dwivedi
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