अयोध्या में रामलला भक्तों ने लॉकडाउन में दिया 4.60 करोड़ रुपए का ऑनलाइन दान

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए ऑनलाइन दान कर रहे रामलला भक्त
अब तक पांच हजार राम भक्तों ने किया नेट बैंक‍िंग से दान
धनराशि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के दो अलग-अलग खातों में हुई जमा
दो खातों में हैं करीब 4.60 करोड़ रुपए

By: Mahendra Pratap

Published: 23 May 2020, 12:58 PM IST

अयोध्या. कोरोना वायरस की वजह से लगे लॉकडाउन का चौथा चरण चल रहा है। इस लॉकडाउन में मंदिर निर्माण कार्य थोड़ा धीमे हो गया है और श्रद्धालुओं को आना भी बेहद नगण्य हो गया था। पर रामभक्त अपने रामलला को कभी नहीं भूले। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के स्टेट बैंक अकांउट खुलने के साथ ही मंदिर निर्माण के लिए लगातार अकांउट में ऑनलाइन दान दिया जा रहा है। रामलला के खाते में अब तक 4.60 करोड़ जमा हो चुके हैं। यह कुल रुपए ट्रस्ट के दो खातों में जमा हैं। जब लॉकडाउन की घोषणा हुई थी उस वक्त भी दान आता था पर वह दान पेटिका में डाला जाता था, और उसकी मात्रा बहुत कम थी।

रामनवमी पर वैकल्पिक गर्भगृह में प्रतीकात्मक उत्सव मनाने के साथ श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्यों ने दान के लिए नेट बैंक‍िंग की शुरुआत की। आम श्रद्धालुओं के लिए रामलला का बैंक अकाउंट नंबर जारी किया गया। जिसमें रामभक्त अपने मन-मुताबिक दान कर सकते हैं। इस दान का इस्तेमाल ट्रस्ट मंदिर निर्माण में करेगा। इसके बाद इस खाते में रामभक्तों ने ई-बैंक‍िंग के जरिए दान देना शुरू किया। कुछ दिनों लाखों रुपए जमा हो गए थे। लॉकडाउन की वजह से राममंदिर दर्शन को आना संभव नहीं है, इसलिए अधिकतर रामभक्तों ने मंदिर निर्माण के लिए दान की जाने वाली रकम ऑनलाइन जमा कर रहे हैं। अधिसंख्य रकम डिजिटल मोड में यूपीआइ प्रणाली से स्थानांतरित की गई है। नेट बैंक‍िंग, आरटीजीएस टूल का प्रयोग भी धनराशि भेजने में किया जा रहा है। अब तक देश के कोने-कोने से तकरीबन पांच हजार लोगों ने ट्रस्ट के खाते में पैसा ट्रासंफर किया है।

11 रुपए का दान :- रामभक्त खाते में अपनी शक्ति अनुसार 11 रुपए से लेकर हजारों रुपए का दान यूपीआइ से भेज रहे हैं। बैंक सूत्रों का कहना है कि ट्रस्ट ने दो खाते खुलवाए थे। एक में तकरीबन ढाई करोड़ रुपए और दूसरे में दो करोड़ रुपए की धनराशि दान स्वरूप जमा हुई है। हालांकि कुछ बड़ी धनराशि चेक से भी दान की गई हैं। इन खातों की निगरानी के लिए बैंक ने स्पेशल टीम गठित की है।

दान की गति धीमी :- हालांकि रामभक्तों का कहना है कि मंदिर निर्माण के लिए जिस गति से बैंक खाते में धनराशि जमा हो रही है, वह अभी काफी धीमा हैं। जैसे-जैसे कोरोना का संकट कम होगा, और लॉकडाउन खत्म होगा तो रामलला के भक्त अधिक मात्रा में दान करेंगे।

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