राम मंदिर के प्रधान पुजारी सत्येंद्र को मंदिर परिसर में आने से रोक

-सहायक पुजारी के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद लिया गया निर्णय

By: Mahendra Pratap

Published: 02 Aug 2020, 09:01 PM IST

अयोध्या. पिछले 28 साल से नियमित रूप से श्रीरामलला की पूजा-अर्चना करने वाले पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास को राममंदिर परिसर में जाने पर अचानक रोक लगा दी गयी है। फिलहाल, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने कोविड-19 का हवाला देते हुए सत्येेंद्र दास पर यह रोक 3 दिनों के लिए लगायी है। तब तक श्री रामलला का पूजा पाठ और भोग का काम सहायक पुजारी संतोष दास करेंगे।

1 मार्च 1992 से लगातार भगवान श्रीराम लला का पूजा पाठ कर रहे प्रधान पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास के शिष्य और रामलला के सहायक पुजारी कोरोना पाजिटिव पाए गए थे। हालांकि, सत्येंद्र दास की रिपोर्ट निगेटिव थी। बावजूद इसके 83 वर्ष की उम्र का हवाला देते हुए उन्हें 3 अगस्त तक रामजन्मभूमि परिसर में प्रवेश न करने को कहा गया है। अभी सत्येंद्र होम क्वारंटीन थे। रविवार की सुबह 5 बजे जब वह परिसर पहुंचे तो तब उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। अब उनके भूमिपूजन कार्यक्रम में भी शामिल होने पर संशय है। श्रीराम लला के पूजन अर्चन की जिम्मेदारी सहायक पुजारी संतोष दास को दी गई है। सत्येंद्र दास का कहना है कि यदि प्रशासन और ट्रस्ट इजाजत देगा तो वह पांच के कार्यक्रम में शामिल होंगे।

पुजारी प्रदीप दास की रिपोर्ट पॉजिटिव :- 30 जुलाई को रामलला के पुजारी प्रदीप दास सहित 14 पुलिसकर्मी कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। प्रदीप दास प्रधान पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास के शिष्य हैं। सत्येंद्र दास संस्कृत के शिक्षक रहे हैं। माना जा रहा है कि परिसर को कोरोना संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए सत्येंद्र दास का कोरोना टेस्ट निगेटिव आने के बावजूद उनके राम मंदिर परिसर में आने पर रोक लगा दी है। आचार्य सत्येंद्र दास ट्रस्ट के इस फैसले से काफी दुखी हैं।

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