किसने मां का दूध पिया है, जो उद्धव ठाकरे को अयोध्या आने से रोक सके, चंपत राय का ऐलान

उद्धव ठाकरे को लेकर चम्पत राय और महंत राजू दास में ठनी

By: Mahendra Pratap

Published: 14 Sep 2020, 06:27 PM IST

अयोध्या. कंगना रनौत मामले में अयोध्या के साधु-संतों ने महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे को चुनौती देते हुए कहाकि अगर वह अयोध्या आते हैं तो फिर उन्हें प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इस बयान के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने उद्धव ठाकरे का पक्ष लेते हुए कहाकि किसी में इतना दम नहीं कि वह अयोध्या आने से उद्धव ठाकरे को रोक सके। किसी की भी मां ने इतना दूध पीया है और पिलाया है अपने बच्चे को, जो उद्धव ठाकरे का सामना करेगा अयोध्या में। चंपत राय के इस बयान का विरोध करते हुए हनुमानगढ़ी महंत राजू दास ने कहाकि, वे जिस तरीके का बयान दे रहे हैं वह ईस्ट इंडिया कंपनी की भाषा है, इसको कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मामला कुछ यह है :- महाराष्ट्र के पालघर में साधुओं की हत्या, शिवसेना और बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत के बीच जारी जंग से अयोध्या के संत, महाराष्ट्र मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से नाराज हो गए। नाराज साधु-संतों ने कहा कि, यह अन्याय है और इस पर चुप नहीं बैठा जा सकता। और अब उद्धव ठाकरे को अयोध्या में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के संतों-महंतों ने भी उद्धव के अयोध्या में प्रवेश पर रोक लगा दी।

कोई रोक नहीं सकता है :- इस बयान के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय अपने को रोक न सके और उद्धव ठाकरे का पक्ष लेकर ऐलान किया कि कौन है जो उद्धव ठाकरे को अयोध्या आने से रोक सकता है। उद्धव ठाकरे को अयोध्या आने से कोई रोक नहीं सकता है। अभी किसी में इतना दम नहीं है। इसके बाद भी चंपत राय नहीं रुके और कहाकि, अयोध्या के संतों का उद्धव ठाकरे का विरोध गलत है।

चंपत राय की अयोध्या में जरूरत नहीं :- श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के इस बयान के बाद हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने अपनी नाराजगी जताते हुए कहाकि, यह साधु संतों का अपमान है, भगवान श्रीराम की धरती को गाली दे रहे हैं। चंपत राय के इस बयान की मैं घोर निंदा करता हूं, साथ ही महंत राजू दास ने संगठन से भी अपील की है कि ऐसे लोगों की अयोध्या में जरूरत नहीं है।

हमने उद्धव ठाकरे का विरोध किया :- हनुमानगढ़ी महंत राजू दास ने कहाकि महाराष्ट्र में संतों की हत्या दुर्भाग्यपूर्ण थी। हमने महाराष्ट्र सरकार से इस मुद्दे पर कार्रवाई करने की दरख्वासत की पर आज तक इसपर सुनवाई नहीं हुई। उसके बाद कंगना रनौत के साथ लगातार हो रहे अन्याय पर चुप नहीं बैठा जा सकता। इस हमने उद्धव ठाकरे का विरोध किया था।

चंपत राय किसी मंदिर या मठ के महंत नहीं :- आक्रोशित महंत राजू दास ने कहाकि, चंपत राय किसी मंदिर या मठ के महंत नहीं हैं, वे एक संगठन के छोटे से पदाधिकारी हैं, संगठन ने उन्हें जो जिम्मेदारी दी है, वह काम करें। अयोध्या के साधु-संतों का अपमान करना बेहद निंदनीय है।

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