राममंदिर का निर्माण : 70 नहीं अब 107 एकड़ में होगा रामलला का परिसर

- श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने किया एलान
- मंदिर के बगल खरीदा 676.85 वर्गमीटर का भूखंड
- 1373 रुपए प्रति वर्ग फुट है जमीन की कीमत
- एक करोड़ में हुआ बैनामा, जल्द ही अन्य भूखंड खरीदे जाएंगे

By: Mahendra Pratap

Published: 04 Mar 2021, 01:47 PM IST

पत्रिका इन्डेप्थ स्टोरी

महेंद्र प्रताप सिंह

अयोध्या. अयोध्या में रामलला मंदिर का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। राममंदिर निर्माण के लिए चलाया गया 44 दिन का निधि समर्पण अभियान भी अब खत्म हो गया है। ट्रस्ट और विहिप को लगभग 2100 करोड़ रुपए चंदे में मिले हैं। अभी करोड़ों के चेक क्लियर होने बाकी हैं। इस उपलब्धि से रामभक्तों के चेहरे खुशी से दमक रहे हैं। इस बीच श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खाते में एक और खुशी जुड़ गई है। ट्रस्ट ने घोषणा की है कि रामलला परिसर 70 एकड़ से 107 एकड़ तक विस्तारित होगा। इसके लिए जमीन खरीदने का काम शुरू हो गया है।

अयोध्या से बड़ी खबर, रामजन्मभूमि परिसर का हुआ विस्तार, ट्रस्ट खुशी से झूमा

एक करोड़ में हुआ 676.85 वर्गमीटर का सौदा :- रामलला का मंदिर भव्य और विशाल बने इसके लिए रामभक्त जहां दिल खोलकर चंदा दे रहे हैं, वहीं परिसर के अगल-बगल स्थित आम लोग अपने-अपने भूखंड और मकान को भी राम के नाम पर देने को तैयार हैं। कुछ छोटे-छोटे मंदिरों के परिसर को भी रामलला मंदिर के क्षेत्र में शामिल किए जाने की योजना है। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय का कहना है कि रामजन्मभूमि परिसर के विस्तार के क्रम में एक करोड़ रुपए में पहला भूखंड खरीदा गया है। इस भूखंड का क्षेत्रफल 676.85 वर्ग मीटर है। यह भूखंड शीर्ष पीठ अशर्फी भवन से सटा हुआ है। भूखंड स्वामी दीपनारायण ने ट्रस्ट को दीप नारायण ने 7,285 वर्ग फीट जमीन का बैनामा लिख दिया है। भूखंड खरीद में दो गवाहों के हस्ताक्षर हैं, जिनमें एक ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र और दूसरे गोसाईंगंज के भाजपा विधायक इंद्रप्रताप तिवारी खब्बू शामिल हैं। यह नई जमीन सुप्रीम कोर्ट द्वारा नवंबर 2019 में दिए गए फैसले के तहत राम मंदिर के निर्माण के लिए दी गई 70 एकड़ जमीन से सटी हुई है।

ट्रस्ट को उम्मीद, रामजन्मभूमि परिसर 107 एकड़ का होगा :- 70 एकड़ की कुल जमीन में से रामलला मंदिर सिर्फ पांच एकड़ में ही बन रहा है। बाकीकी 65 एकड़ जमीन में कुछ अन्य मंदिर और मंदिर प्रशासन से जुड़े भवन व अन्य निर्माण कार्य होंगे। परिसर का बड़ा हिस्सा हरियाली से आच्छादित होगा। लेकिन, मंदिर निर्माण समिति का मानना है कि भव्य मंदिर के लिए परिसर और बड़ा होना चाहिए। इसीलिए रामलला मंदिर के अगल-बगल स्थित जमीनों को खरीदने की रणनीति तैयार की गयी है। रामकोट के अन्य भवनों तथा अगल-बगल के मंदिर स्वामियों से भूमि खरीदने की वार्ता ट्रस्ट से चल रही है। सभी जमीनों का सौदा हो गया तब रामजन्मभूमि परिसर का क्षेत्रफल 70 एकड़ से बढ़कर 107 एकड़ हो जाएगा। यानी अभी 14,30,195 वर्ग फुट जमीन और खरीदनी होगी।

इन जमीनों को हो सकता है अधिग्रहण:- परिसर के विस्तार के बाद रामलला के पास कुल 107 एकड़ जमीन हो जाएगी। परिसर में जिन जमीनों को अधिगृहीत किया जाना है उनमें राम जन्मभूमि परिसर के पश्चिम-उत्तर दिशा में दुराही कुआं क्षेत्र की 5 एकड़ भूमि, दक्षिण दिशा में गुरुकुल धर्मशाला और यूसुफ आरा मशीन के बीच जमीन के कुछ टुकड़ों को मिलाकर 12 एकड़ भूमि का रकबा शामिल है। जबकि, पूर्व क्षेत्र में मुख्य गेट बनाने के साथ दर्शनार्थियों के लिए मुख्य दर्शन मार्ग भी बनाया जाएगा। इसके लिए रंग महल मंदिर के पीछे से राम गुलेला मंदिर तक लगभग 20 एकड़ भूमि को अधिगृहीत किया जाएगा। इनमें से कुछ संपत्तियां रामलला को मुफ्त मिलेंगी तो कुछ की कीमत ट्रस्ट को अदा करनी पड़ेगी।

दर्जनभर से ज्यादा मंदिर बनेंगे रामलला मंदिर का हिस्सा :- रामलला मंदिर के अलावा माता सीता, लक्ष्मण,भरत और शत्रुघ्न की भी नयनाभिराम मूर्तियां मंदिर परिसर में लगेंगी। ताकि, यह दुनिया काभव्यतम मंदिर बन सके। इसके अलावा रामजन्मभूमि परिसर से सटे कई मंदिर भी रामलला परिसर का हिस्सा बनेंगे। इनमें रंगमहल मंदिर, जगन्नाथ मंदिर, लवकुश मंदिर, राम कचहरी, अमवा मंदिर, राम गुलेला,फकीर राम मंदिर, कौशल्या भवन, सुंदर सदन, श्रीरंगदेव संस्कृति महाविद्यालय, उनवल मंदिर, बजरंग भवन, माली मन्दिर, रंगवाटिका, गोकुल मंदिर आदि प्रमुख हैं। इसके अलावा कई अन्य मंदिरों की भूमि का कुछ हिस्सा रामलला परिसर में शामिल किया जा सकता है।

विस्तारित परिसर में रामभक्तों के लिए होंगी अत्याधुनिक सुविधाएं :- रामलला मंदिर का विस्तार इसलिए भी जरूरी है क्योंकि आने वाले समय में दुनियाभर से यहां भक्तों की भीड़ उमड़ेगी। ट्रस्ट का आंकलन है कि जब मंदिर बनकर तैयार होगा तब प्रतिदिन कम से कम दस लाख की भीड़ मंदिर परिसर में होगी। इतनी बड़ी भीड़ के लिए जनसुविधाएं, विश्राम गृह, स्नानगृह आदि बनाने होंगें। रामभक्तों की सुविधा के लिए राम मंदिर परिसर में ही मंदिर के अलावा यज्ञशाला, भोजनशाला, प्रसादघर, अन्नकूट क्षेत्र, श्रीराम के जीवन चरित्र से जुड़ी झांकियोंं का प्रदर्शनी स्थल, पुस्तकालय, रिसर्च सेंटर, गौशाला और ध्यान केंद्र आदि बनेगा। यह सभी स्थल अत्याधुनिक सुविधाओं से परिपूर्ण होंगे।

रामजन्मभूमि की तर्ज पर हनुमत जन्मभूमि पर बनेगा भव्य मंदिर:- अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बन रहा है, तो उधर कर्नाटक के कप्पड़ जिले में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के अनन्य भक्त बजरंग बली का विशालकाय मंदिर बनाने की योजना है। रामजन्मभूमि की तर्ज पर हनुमत जन्मभूमि पर प्राचीन किष्किंधा पर्वत पर यह मंदिर बनेगा। अभी हनुमत जन्मभूमि किष्किंधा के शिखर पर 20 गुणे 20 फीट के एक कक्ष में स्थित है। हनुमत जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष स्वामी गोविदानंद सरस्वती बजरंगबली के आराध्य श्रीराम का आशीर्वाद लेने हाल ही में अयोध्या आए थे। उनका कहना था कि महाशिवरात्रि,11 मार्च से राष्ट्रव्यापी रथ यात्रा निकलेगी। इस दौरान हनुमत जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के लिए घर-घर से निधि एकत्रित की जाएगी। 10 एकड़ क्षेत्र में हनुमानजी का भव्यतम मंदिर और इतने ही क्षेत्रफल में रामायण ग्राम विकसित होगा। राम के नाम पर पूरी दुनिया में और क्या कुछ हो रहा है, कैसे बन रहा है रामलला का घर। यह सब जानने के लिए देखते रहें राममंदिर का निर्माण।

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