चंपतराय का खुलासा, अयोध्या में राम का मंदिर नहीं रामजन्मभूमि का मंदिर बन रहा है

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सोशल मीडिया के माध्यम से अयोध्या में शुरू हो रहे राम मंदिर निर्माण के पूर्व राम मंदिर आंदोलन की जानकारी दी है।

By: Mahendra Pratap

Published: 20 May 2020, 06:12 PM IST

अयोध्या. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सोशल मीडिया के माध्यम से अयोध्या में शुरू हो रहे राम मंदिर निर्माण के पूर्व राम मंदिर आंदोलन की जानकारी दी है। इस दौरान चंपत राय ने कहां कि भगवान की जन्मभूमि को बदला नहीं जा सकता इसलिए अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर नहीं बल्कि रामजन्मभूमि का मंदिर बनने जा रहा है। एक विदेशी आक्रांता ने हम पर हमला किया, जिससे हमारा अपमान हुआ है और अब अयोध्या में मंदिर बन जाएगा लेकिन अपमान अभी बाकी है। रामनगरी अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद रामजन्मभूमि परिसर में ट्रस्ट ने मंदिर निर्माण के लिए समतलीकरण का कार्य शुरू कर दिया है। जिसके लिए ट्रस्ट के महासचिव समेत कई सदस्य परिसर में डेरा डाल दिए हैं। इस दौरान ट्रस्ट पूरी तरह मीडिया से दूरी बनाई हुई है।

मंदिर आंदोलन जानकारी :- बुधवार को विश्व हिंदू परिषद के एक सोशल मीडिया पेज के माध्यम से देश के रामभक्तों को राम मंदिर आंदोलन की पूरी जानकारी दी गई है। जिसमें अयोध्या में रामकोट नाम का एक मोहल्ला है, जिससे कोट किले कहा जाता है, वर्षों पहले कोई बहुत बड़ा किला रहा होगा। इस क्षेत्र में दर्जनों मंदिर हैं जिसमें में दशरथ महल, सीता भवन, कोपभवन, कोहबर भवन, सीता रसोई नाम से मंदिर है। जो कि सभी भगवान श्रीराम के जीवन काल से जुड़े हैं।

ट्रस्ट का गठन :- इन सबके बीच एक 0.3 एकड़ की भूमि हैं। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया है। जिसमें सरकार को ट्रस्ट बनाने का निर्देश हुआ और 5 फरवरी 2020 में सरकार ने रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन किया। और सरकार ने अपने ट्रेजरी से एक रुपए का पहला डोनेशन ट्रस्ट को दिया। ट्रस्ट के गठन के बाद कार्य काफी आगे तक किया जा चुका है।

भ्रांतियां से हटाया परदा :- चंपत राय ने कहा कि समाज में राम मंदिर को लेकर विभिन्न प्रकार की भ्रांतियां हैं। यह भगवान राम का मंदिर नहीं बल्कि भगवान श्रीराम के जन्मभूमि का मंदिर है। और किसी के जन्मस्थान को बदला नहीं जा सकता है। उन्होंने कहा कि एक विदेशी आक्रांता नहीं हमारे ऊपर हमला किया, इस अपमान को कौन भूलेगा अगर आप कहीं मंदिर बना लिया तो अपमान अभी बाकी है। और इस अपमान का परिमार्जन भी बहुत महत्वपूर्ण बात है। साथ ही स्पष्ट करते हुए कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के जन्म स्थल पर कोई नया मंदिर का निर्माण नहीं किया जा रहा है बल्कि पुराने मंदिर का पुनर्निर्माण हो रहा है। अयोध्या में राम जन्मभूमि पर मंदिर का निर्माण देश के स्वाभिमान का पुनर्निर्माण है।

ट्रस्ट ने कार्यों का दिया विवरण :- रामजन्मभूमि में चल रहे समतलीकरण कार्य को लेकर ट्रस्ट ने कार्यों का विवरण दिया, जिसमें ट्रस्ट ने बताया कि कोरोनावायरस लॉकडाउन को लेकर जारी निर्देशों के अनुसार रामजन्मभूमि परिसर में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ मंदिर निर्माण के संबंधित कार्य किए जा रहे हैं। जिसमें तीन जेसीबी मशीन एक क्रेन दो ट्रैक्टर व 10 मजदूर लगाए गए हैं। साथी चल रहे समतलीकरण कार्य के दौरान कुछ पूरा उससे इस प्राप्त हुए हैं। जिसमें देवी देवताओं की खंडित मूर्तियां पुष्प कलश अम्लक दोरजाम्ब, आदि कलाकृतियां मेहराब के पत्थर 7 ब्लैक टच स्टोन के स्तंभ वचे रेड सैंड स्टोन के स्तंभ और 5 फुट आकार के नक्काशी युक्त शिवलिंग की आकृति प्राप्त हुआ है।

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