सीता नवमी : मां सीता का जन्म कब हुआ था जानना है तो पढ़े

sita navmi 2021 - सुहाग की वस्तुएं दान करने से व्रती को कन्यादान के समान प्राप्त होता है फल

By: Mahendra Pratap

Published: 20 May 2021, 12:55 PM IST

अयोध्या. आज सीता नवमी (Sita Navmi ) है। आज वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि है। माना जाता हैकि आज के दिन मां सीता का जन्म हुआ था। इस दिन विधि-विधान से मां सीता और भगवान राम की पूजा-अर्चना की जाती है। वाराणसी से प्रकाशित हृषिकेश पंचांग के अनुसार 20 मई को सूर्योदय 5 बजकर 21 मिनट पर और अष्टमी तिथि का मान सुबह 6 बजकर 48 मिनट तक पश्चात नवमी है। इसी दिन माता सीता की उत्पत्ति मध्यान काल मे हुई थी।

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कन्यादान के समान फल प्राप्त होता :- ज्योतिषाचार्य मनीष मोहन बताते हैं कि, इस दिन मां सीता का जन्म हुआ था। मां सीता अपने त्याग और समर्पण के लिए पूजनीय है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं। इस व्रत से तमाम समस्याओं का समाधान होता है और व्रती की सभी मनोकामनाओं पूरी होती हैं। ऐसी मान्यता है कि इस दिन सुहाग की वस्तुएं दान करने से व्रती को कन्यादान के समान फल प्राप्त होता है। (Sita Navmi When was born know)

पुत्र चाहिए तो सीता स्तोत्र का पाठ करें :- पंडित शरद चंद्र मिश्र ने बताया कि, इस दिन सुबह उठकर स्नान के बाद घर के मंदिर की सफाई करें। देवी और देवताओं का गंगाजल से अभिषेक करें। सीताजी का ध्यान करें। यदि व्रत रख सकें तो उत्तम अन्यथा केवल पूजा ही संपन्न करें। मां सीता और श्रीरामचंद्र, हनुमान सहित रामपरिवार की उपासना करें। श्रीराम और मां सीताजी को सात्विक वस्तुए व नैवेद्य अर्पण करें। यदि पुत्र प्राप्ति की आकांक्षा हो तो सीता स्त्रोत्र का पाठ भी करें।

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