श्री रामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र की 4 अप्रैल को होने वाली बैठक टली, होने थे कई अहम फैसले

- बैठक में मंदिर निर्माण के संबंध में होना था अहम निर्णय

- तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की यह थी दूसरी बैठक

अयोध्या. वैश्विक महामारी कोरोना के संकट से इस समय पूरा देश जूझ रहा है। कोरोना से बचाव के लिए समूचे देश को लॉकडाउन करने से श्रीरामजन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण की तैयारी को झटका लगा है। अब चार अप्रैल को होने वाली श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक को स्थगित करने की तैयारी है, जल्द ही इसकी अधिकृत घोषणा होगी। इसी बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गर्भगृह में भूमिपूजन की तिथि तय होनी थी। इसी के साथ सेवानिवृत्त शीर्ष आईएएस नृपेंद्र मिश्र की अगुवाई में निर्माण कार्य शुरू होना था। तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की यह दूसरी बैठक थी और इसमें मंदिर निर्माण के संबंध में कई और भी अहम निर्णय होने वाले थे।

इसी साल 5 फरवरी को राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के लिए गठित तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहली बैठक 19 फरवरी को दिल्ली में हुई थी। इसी बैठक में ट्रस्ट को विस्तार देते हुए अध्यक्ष के रूप में महंत नृत्य गोपाल दास एवं महामंत्री के रूप में विहिप के केंद्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय की नियुक्ति हुई थी। पहली बैठक ट्रस्ट के विस्तार तक ही सिमट कर रह गई थी । हालांकि ट्रस्ट की पहली बैठक के बाद रामलला के वैकल्पिक गर्भगृह के रूप में ट्रस्ट ने मंदिर निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। वैकल्पिक गर्भगृह में रामलला के जाने के 10 दिन के अंदर ही प्रस्तावित ट्रस्ट की दूसरी बैठक की अहमियत का अंदाजा लगाया जा सकता है।

ट्रस्ट के सूत्रों के मुताबिक अब श्रीरामजन्मभूमि ट्रस्ट की बैठक चार अप्रैल को होना नामुमकिन है। कोरोना के चलते पूरे देश में लॉक डाउन है। घरेलू उड़ान समेत ट्रेन आदि सभी तरह के परिवहन पर रोक है। ऐसे में 14 अप्रैल को लॉकडाउन खत्म होने के बाद ही हालात देखकर मंदिर निर्माण के लिए तिथि तय करने को लेकर बैठक बुलाई जाएगी। जल्द ही ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय बैठक टलने की घोषणा करेंगे, लेकिन इसकी नई तिथि व स्थान बाद में घोषित करेंगे।

नितिन श्रीवास्तव Desk/Reporting
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