बाबरी विध्वंस मामले मामले में फैसला जल्द, इनकी बढ़ सकती हैं मुश्किलें

- आडवाणी-कल्याण समेत 33 आरोपियों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू
- सीआरपीसी 313 के तहत आरोपियों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू
- 31 मई 2017 को सीबीआई ने 49 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी

By: Hariom Dwivedi

Published: 07 Mar 2020, 03:28 PM IST

लखनऊ. बाबरी विध्वंस मामले में जल्द ही फैसला आ सकता है। लखनऊ की एक विशेष सीबीआई अदालत ने बाबरी मस्जिद ढांचा गिराए जाने के आपराधिक मामले में गवाही दर्ज कराने के लिए लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह, उमा भारती, साध्वी ऋतम्भरा समेत 33 आरोपियों को तलब किया है। सीबीआई स्पेशल जज अयोध्या प्रकरण एस के यादव के आदेश के बाद सीआरपीसी 313 के तहत शनिवार से आरोपियों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इससे पहले शुक्रवार को सीबीआई के आखिरी और मामले के 294वें गवाह एम. नारायणन की गवाही पूरी हुई।

बाबरी ध्वंस मामले में सीबीआई ने 31 मई 2017 को 49 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी, जिनमें से फिलहाल 33 आरोपी ही जिंदा है। अशोक सिंघल, बालासाहेब ठाकरे, महंत अवैद्यनाथ समेत 16 आरोपियों की मौत हो चुकी है। सीबीआई ने अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में 294 गवाहों के बयान दर्ज करवाए हैं। आरोपियों के बयान दर्ज करने की प्रकिया शुरू हो चुकी है, जिसके बाद उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस मामले में निर्णय आ सकता है।

क्या है पूरा मामला
विवादित ढांचा विध्वंस मामले में दो मुकदमे दर्ज हैं। पहला मामला आडवाणी सहित उन नेताओं के खिलाफ दर्ज है, जो 6 दिसंबर 1992 को मस्जिद ढहाये जाने के दौरान मंच पर उपस्थित थे, जबकि दूसरा मामला विवादित ढांचा के इर्द-गिर्द जुटे कारसेवकों के खिलाफ है। राम जन्मभूमि थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष प्रियंवदा नाथ शुक्ला और राम जन्मभूमि पुलिस चौकी प्रभारी गंगा प्रसाद तिवारी ने सैकड़ों कारसेवकों के खिलाफ बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।दोनों मामलों में कुल करीब 48 एफआईआर दर्ज हुई थीं। मामले की जांच पहले स्थानीय पुलिस फिर सीबीसीआईडी और उसके बाद सीबीआई ने की।

सीबीआई ने 49 आरोपियों पर दाखिल की थी चार्जशीट
19 अप्रैल 2017 को उच्चतम न्यायालय ने निचली अदालत को दो साल में सुनवाई पूरी करने का आदेश दिया था। 31 मई 2017 को सीबीआई ने इस मामले में 49 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। 19 जुलाई 2019 को उच्चतम न्यायालय ने फिर निर्देश दिया कि इस मामले में हर दिन सुनवाई करते हुए नौ महीने में फैसला सुना दिया जाए। सीबीआई ने बाबरी मस्जिद को ढहाने के मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। नफरत भरे भाषण देने को लेकर लाल कृष्ण आडवाणी, अशोक सिंघल, विनय कटियार, उमा भारती, साध्वी ऋतंभरा, मुरली मनोहर जोशी और गिरिराज किशोर के खिलाफ मामला दर्ज है।

Hariom Dwivedi
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