राम मंदिर निर्माण के साथ परिसर की सुरक्षा बड़ी चुनौती : चम्पतराय

मंदिर निर्माण से पहले गिराए जाएंगे बाधक बनाने वाले भवन : चम्पतराय

By: Satya Prakash

Published: 26 Aug 2020, 05:26 PM IST

सत्य प्रकाश
अयोध्या : राम मंदिर को लेकर कागजी प्रक्रिया तेज कर दी गई है। 20 अगस्त को दिल्ली में निर्माण समिति की बैठक में 70 एकड़ भूमि को नक्शा को भी अंतिम रूप दिया जा चुका है। अयोध्या के विकास प्राधिकरण में स्वीकृति से पहले नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट को जुटाया जा रहा है। वही राम जन्मभूमि परिसर में फाउंडेशन बनाये की भी तैयारी की जा रही हैं।

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय कैंप कार्यालय पर पत्रिका टीम से खास बातचीत में राम मंदिर निर्माण की प्रक्रिया को लेकर बताया कि राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण का जो नक्शा है उसको पास कराने के लिए पहले वहां के फॉरेस्ट विभाग, अग्निशमन का नजूल का एनओसी देनी होगी। कि नजूल की कोई जमीन नहीं है ।ऐसे उनके आठ नौ प्रकार के नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट होते हैं तो यहां पर फॉरेस्ट का कुछ नहीं है अग्निशमन की पूरी बाउंड्री बनेगी लंबी चौड़ी सब तरफ से आवागमन इस प्रकार से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट देने पड़ते हैं हम देंगे उसको देने के लिए पूरी ड्राइंग चाहिए मंदिर के चारों ओर मूवमेंट करने के लिए कितनी जगह है उसका सड़क से कितना रिश्ता है हम इसको देंगे यह एक सामान्य प्रक्रिया है वहीं कहा कि मंदिर का निर्माण करने में जब मशीनें काम करेंगे तो कौन- कौन सी बिल्डिंग कार्य में बाधक तो सबसे पहले उन बिल्डिंगों को वहां से हटा दो ताकि मशीनों के काम करने में बाधा खत्म हो जाए जिसमें सबसे पहले सीता रसोई है जो 200 साल पुराना है आनंद भवन ,राम खजाना सब टूटा पड़ा है मानस भवन का प्रवेश द्वार भी उसमें आएगा उनमें जो मूर्तियां हैं देवता हैं उन को सुरक्षित रखा जाएगा और जब बाद में मंदिर बनेगा तो उनमे उनकी स्थापना की जाएगी। वहीं रामलला की सुरक्षा को लेकर चुनौतियां हैं लेकिन कोई भी प्राइवेट एजेंसी सुरक्षा को लेकर सरकार को कंप्लीट नहीं कर सकती हैं इसलिए में सरकारी होनी चाहिए प्राइवेट एजेंसी सुरक्षा नहीं दे पाएंगे यह सरकार का काम है इसको सरकार को करना देने करने देना चाहिए। समाज रामलाल को दान दे रहा है लेकिन हम अब विज्ञापन निकालेंगे अखबार में विज्ञापन देंगे डोनेट फॉर मंदिर। मंदिर निर्माण के लिए दान दे । हिंदुस्तान के सभी भाषाओं के अखबारों में एक बटे चार के हिस्से में मंदिर का अकाउंट नंबर बैंक का बारकोड दिया जाएगा जो एथेनिक हो जाएगा। अभी भारतवासी और केवल अपने देशवासियों से दान लिया जाएगा। वही दिए जाने वाले ताम्र पात्र सिर्फ सरकार द्वारा निर्धारित मानक के हिसाब से ही लिया जाएगा जिससे उसकी एक क्वालिटी रहेगी और कोई असुविधा नहीं आएगी।

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