राम मंदिर के नक्शे पर स्वीकृति मिलने के साथ शुरू हुआ निर्माण का कार्य

राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट जमा करेगी 2 करोड़ 26 लाख 33 हजार 547 रुपया

By: Satya Prakash

Updated: 02 Sep 2020, 03:43 PM IST

सत्य प्रकाश
अयोध्या : राम मंदिर निर्माण को लेकर ट्रस्ट ने आखिरी प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। आज अयोध्या विकास प्राधिकरण ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा दाखिल किए गए 2 लाख 74 हजार 210 वर्गमीटर के नक्शे पर स्वीकृति दे दिया है। वहीं दूसरी तरफ राम मंदिर निर्माण को लेकर कार्यदाई संस्था एलएंडटी ने परिसर में कार्य शुरू कर दिया है।

अयोध्या विकास प्राधिकरण की 76वी बोर्ड की बैठक में राम मंदिर का नक्शा पास कर दिया गया। 2 लाख 74 हज़ार 110 वर्ग मीटर का लेआउट व लगभग 13000 वर्ग मीटर का राम मंदिर का नक्शा पास किया गया है विकास प्राधिकरण बोर्ड के अध्यक्ष कमिश्नर एमपी अग्रवाल उपाध्यक्ष डॉ नीरज शुक्ला पदेन सदस्य डीएम अनुज झा व अन्य सदस्यों ने भाग लिया जिसमें राम मंदिर का लेआउट व नक्शा पेश किया गया। इस पर मंथन के बाद सर्वसम्मति नक्शा पास कर दिया गया। जिस पर 2 करोड़ 26 लाख 33 हजार 547 रुपये जमा किये जाने की कार्रवाई ट्रस्ट द्वारा किया जा रहा है। वही राम मंदिर निर्माण को लेकर राम जन्म भूमि परिसर में कार्यदाई संस्था एलएंडटी ने कार्य प्रारम्भ कर दिया है। बड़ी संख्या में वर्करों को परिसर के आसपास के साफ-सफाई की जाने के साथ जर्जर मंदिरों का हटाए जाने का कार्य किया जा रहा है जिसके बाद खुदाई का कार्य शुरू किया जाएगा। अयोध्या विकास प्राधिकरण के बोर्ड की बैठक के दौरान ही अयोध्या विकास प्राधिकरण के दूसरे कमरे में राज्य सरकार से नामित अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी के ओएसडी अशोक सिंह व ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा भी मौजूद रहे।
अयोध्यााा विकास प्राधिकरण बोर्ड के अध्यक्ष एमपी अग्रवाल नेे बताया आज की बैठक मेंं श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा दिए गए नक्शे को प्रस्तुुत किया जो कि 2 नक्शा का लेआउट था जो 2 लाख 74 हजार 110 वर्गमीटर का और दूसरा 12889 वर्गमीटर मंदिर का नक्शा था। जिसे सभी सदस्यों के द्वारा पास किया। ट्रस्ट द्वारा विकास शुल्क जमा होंने की बाद स्वीकृति पत्र ट्रस्ट को शौंप दिया जाएगा।

वह राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के मुताबिक मंदिर निर्माण की प्रक्रिया रामजन्मभूमि परिसर में शुरू कर दी गई है प्रक्रिया के तहत थी मंदिर निर्माण होने वाले स्थलों की साफ सफाई की जा रही है उसके पास स्थित जर्जर भवनों को गिराया जा रहा है जिससे खुदाई के दौरान यह पवन नगर इसलिए पहले से ही उसे हटा दिया जा रहा है जिसके बाद नीव की खुदाई का कार्य भी शुरू कर दिया जाएगा।

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