धार्मिक रीति-रिवाजों पर भी कोरोना का कहर

चैत्र नवरात्रि पर शक्तिपीठों के कपाट बंद श्रद्धालु नदारद, सैकड़ों वर्षों से होने वाले आयोजनों पर भी रोक

अयोध्या : कोरोना वायरस को लेकर देश में लगे लॉक डाउन का असर परंपरागत होने वाले धार्मिक रीति रिवाजों पर भी गहराता जा रहा है। चैत्र शुक्ल नवरात्रि प्रारंभ पर सैकड़ों वर्षों से शक्तिपीठों में होने वाली पूजा व उत्सव नहीं हो सके और ना ही श्रद्धालु दिखाई दिए बल्कि सभी शक्तिपीठ मंदिरों के कपाट बंद दिखे।
नव वर्ष संवत के साथ चैत्र शुक्ल नवरात्र प्रारंभ पर नगर के सभी शक्तिपीठों पर ताला लगा रहा माना जा रहा कि सैकड़ों वर्षों के बाद पहली बार ऐसी स्थिति बनी है वैसे तो प्रत्येक वर्ष नवरात्र प्रारंभ होते ही राम नगरी अयोध्या मैं रामनवमी मेला का आयोजन किया जाता था जिसमें लाखों श्रद्धालु अयोध्या में होते थे और पूरी अयोध्या दुल्हन की तरह सजाई जाती थी लेकिन इस बार कोरोना की कहर को देखते हुए इस पूरे आयोजन को स्थगित कर दिया गया वहीं अयोध्या के प्रमुख शक्तिपीठ मां छोटी देवकाली मंदिर पर वर्षों से होने वाले महाआरती का आयोजन भी रोकना पड़ा मंदिर के समिति के मुताबिक सैकड़ों वर्षों की परंपरा के अनुसार नवरात्रि के 9 दिनों तक 1051 बत्ती की आरती प्रतिदिन की जाती थी जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल भी होते थे लेकिन इस बार कोरोना वायरस के कारण सभी आयोजनों को रोकना पड़ा।

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Satya Prakash
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