राम मंदिर निर्माण में हर भारतीय से लिया जाएगा इतने रुपये का सहयोग, हुआ बहुत बड़ा फैसला

- राम मंदिर निर्माण में विहिप निभाएगा अहम भूमिका, अयोध्या में एक बार फिर होगी कारसेवा

- विहिप के मॉडल में नहीं होगा बदलाव, महंत कमलनयन दास ने कहा सोने से बनाएंगे राम मंदिर

- रविवार को सीएम योगी मंदिर निर्माण की तैयारियों का लिया था जायजा

अयोध्या. विश्व हिंदू परिषद ने राम मंदिर निर्माण में अहम भूमिका निभाने का मन बना लिया है। विहिप ने तय किया है कि लोग आर्थिक और शारीरिक सहयोग से राम मंदिर बनाएंगे। एक बार कोरोना संकट टल जाए फिर मंदिर के लिए कारसेवा भी होगी और आम भारतीय भी अपनी भूमिका तन-मन और धन से सहयोग देकर निभाएगा। वीएचपी के मुताबिक अयोध्या में राममंदिर निर्माण की जिम्मेदारी भले श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यास की है, लेकिन वीएचपी अपनी भूमिका निभाने में कोई कोर कसर नहीं रखेगा। अयोध्या में हुई विहिप की बैठक में ये फैसला लिया गया। परिषद की बैठक में ये भी तय हुआ कि कोरोना संकट दूर होते ही भूमि पूजन के बाद मंदिर का औपचारिक निर्माण शुरू हो जाएगा। तब आम भारतीय यहां कार सेवा के लिए आ सकेगा।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यास के महासचिव और विहिप उपाध्यक्ष चंपत राय के मुताबिक अयोध्या में हुई बैठक में तय हुआ है कि आम भारतीय को भावनात्मक रूप से श्री रामलला मंदिर निर्माण के साथ तन-मन-धन से जोड़ने का हम सभी का लक्ष्य है। वैसे मंदिर निर्माण के लिए धन की कोई कमी नहीं है, लेकिन आम श्रद्धालु जनता को भावनात्मक रूप से इस मंदिर के साथ जोड़ने के लिए यह फैसला लिया गया है। जिसके मुताबिक हर भारतीय दस रुपए का सहयोग करे, जिससे सभी की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

सोने से बनाएंगे राम मंदिर

वहीं श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपालदास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास का कहना है कि राम मंदिर मॉडल में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा। विश्व हिंदू परिषद का जो राम मंदिर मॉडल है, उसी के अनुसार राम मंदिर का निर्माण किया जाएगा। महंत कमलनयन दास ने कहा कि राम मंदिर मॉडल में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा। रही बात राम मंदिर निर्माण की भव्यता की तो पूरा मंदिर सोने का बना दिया जाएगा। वहीं रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि अब राम मंदिर निर्माण में देरी नहीं करनी चाहिए। अगर संभव हो तो 1 या 2 जुलाई को ही भूमि पूजन का काम हो जाए। वहीं वीएचपी के मीडिया प्रभारी शरद शर्मा का कहना है देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या आकर राम मंदिर के लिए भूमि पूजन करें। चाहे इसमें थोड़ा सा समय लग जाए। संतों सहित पूरे देश की यह इच्छा है।

सीएम योगी ने तैयारियों का लिया जायजा

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की आधारशिला रखने के पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को अयोध्या पहुंचे। अयोध्या में उन्होंने राम मंदिर निर्माण की तैयारियों का जायजा लिया। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रिपोर्ट दी जाएगी कि अब वह किसी भी समय राम मंदिर की आधारशिला रख सकते हैं। अपने दौरे के दौरान सीएम योगी ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष महंत गोपालदास से उनके आश्रम पर मुलाकात की। मुलाकात के बाद उन्होंने हनुमानगढ़ी के दर्शन पूजन किया। उसके बाद राम जन्मभूमि परिसर पर पहुंचकर रामलला के भी दर्शन किए। राम मंदिर निर्माण की तैयारियों का जायजा लेने के बाद उन्होंने ट्रस्ट के सदस्यों से राम मंदिर निर्माण के शिलान्यास को लेकर बातचीत भी की। माना जा रहा है कि अब जल्द ही अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की आधारशिला रख दी जाएगी।

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नितिन श्रीवास्तव Desk/Reporting
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