आस्था के समागम पर कोरोना का ग्रहण

20 मार्च से नही 22 मार्च से श्री रामलला के स्थान पर अयोध्या के वैदिके करेंगे अनुष्ठान
कोरोना वायरस को लेकर राम जन्मभूमि में होने वाले धार्मिक अनुष्ठान की किया गया सीमित

काशी से आने वाले 22 वेद विद्वानों को भी रोका गया

By: Satya Prakash

Published: 19 Mar 2020, 11:03 PM IST

अयोध्या : रामजन्मभूमि परिसर में भगवान श्री राम लला को अस्थाई भवन में शिफ्ट किए जाने को लेकर 20 मार्च से शुरू होने वाले धार्मिक अनुष्ठान को कोरोला वायरस को लेकर टाल दिया है अब यह कार्यक्रम 22 मार्च से शुरू होगा इसके साथ ही काशी से आने वाले 22 विद्वानों की टीम को भी रोक दिया गया है।

देश में चल रहे कोरोना वायरस के कारण सभी धार्मिक अनुष्ठान व मठ, मंदिरों को बंद किया जा रहा है। ऐसे में रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र टेस्ट में भी रामजन्मभूमि परिसर में भगवान श्रीरामलला को अस्थाई भवन में शिफ्ट किए जाने के आयोजन में बदलाव किया है ट्रस्ट के मुताबिक 20 मार्च से पांच दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया जाना था लेकिन अब यह आयोजन 22 मार्च से शुरू होगा और 27 मार्च तक चलेगा साथ ही इस आयोजन में शामिल होने के लिए काशी से भी 22 विद्वानों को टीम को बुलाया गया था जिन्हें रोक दिया गया है अब दिल्ली से वेद विद्वान कृति कांत शर्मा, वेद मूर्ति आचार्य चंद्रभान शर्मा के नेतृत्व में अयोध्या के श्री राम वेद विद्यालय के प्रधानाचार्य सहित 15 विद्वानों के द्वारा 22 मार्च से 27 मार्च तक अनुष्ठान का आयोजन किया जाएगा।

श्री राम वेद विद्यालय के प्रधानाचार्य ने बताया कि दिल्ली के प्रखर विद्वान के साथ 15 वैदिको की टीम रामलला के दरबार में अनुष्ठान करेगी होने वाले इस अनुष्ठान में 22 मार्च को पहले दिन रामलला के अस्थाई मंदिर में शुद्धीकरण को लेकर उदकशांती का आयोजन किया जाएगा। जिसके बाद 23 व 24 मार्च को वर्तमान में विराजमान भगवान श्री रामलला के सामने वेद परायण, रामरक्षा स्तोत्र, विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ कर भगवान श्री रामलला से प्रार्थना किया जाएगा कि इस टेंट रूपी मंदिर से निकलकर बने अस्थाई भवन में विराजमान हो और 25 मार्च को सुबह 4 बजे भगवान श्री रामलला को नए स्थान पर विराजमान कराया जाएगा इसके साथ ही 25, 26, 27 मार्च को भी अस्थाई मंदिर के पास अयोध्या के वेद पंडितों द्वारा अनुष्ठान व हवन पूजन किया जाएगा। वही कहा कि 20 मार्च से शुरू होने वाले आयोजन को लेकर साफ कहा कि यह आयोजन अब 22 मार्च से ही शुरू होगा जिसमें 15 वेद विद्वान ही मौजूद होंगे।

वही वेद विद्वान आचार्य दुर्गा प्रसाद पांडे ने बताया कि कोरोना वायरस के कारण काशी से आने वाले विद्वानों को रोक दिया गया है इसके साथ ही दिल्ली से भी कई लोग इस आयोजन में शामिल होने के लिए आने थे सभी को मना करते हुए सिर्फ दो प्रमुख विद्वानों को ही बुलाया गया है। वही बताया कि भगवान श्रीराम को चल प्रतिष्ठा को मानते हुए एक स्थान से दूसरे स्थान पर भगवान श्री राम लला को शिफ्ट किया जाएगा इस दौरान चारों वेदों के पारायण का पाठ व अन्य पूजा पाठ के साथ भगवान श्री रामलला को दूसरे स्थान पर प्रतिष्ठित किया जाएगा।

वही रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्र के मुताबिक भगवान श्री रामलला को अस्थाई भवन में शिफ्ट किए जाने के दौरान होने वाले धार्मिक अनुष्ठान को लेकर वेद विद्वानों की टीम बनाई गई है यह सभी विद्वान 22 मार्च से अनुष्ठान व पूजा पद्धति विधि-विधान पूर्वक प्रारंभ करेंगे और 25 मार्च को सुबह 4:00 बजे भगवान श्री रामलला नए स्थान पर विराजमान किया जाएगा इस दौरान ट्रस्ट के सभी सदस्य व प्रमुख संत भी मौजूद होंगे वही बताया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी शामिल होने की बात सामने आई है।

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