एन डी यूनिवर्सिटी में फर्जीवाड़े का खुलासा कुलपति सहित चार पर कार्यवाही

नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय धोखाधड़ी कर फर्जी नियुक्ति के मामले में तत्कालीन कुलपति सहित चार लोगों के खिलाफ कुमारगंज थाना में मामला दर्ज

By: Satya Prakash

Updated: 01 Jul 2020, 10:20 AM IST

अयोध्या : नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज के पूर्व कुलपति बीबी सिंह सहित चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी सेे फर्जी नियुक्ति के फर्जीवाड़े का खुलासा होतेे ही संबंधित थाना कुमार गंज में मामला दर्ज कर लिया है।

दरसल नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज में कुलपति पद पर वर्ष 2001 से 2003 तक डॉ. बीबी सिंह की तैनाती रही। इस बीच विश्वविद्यालय के ट्रेनिंग एसोसिएट के कई पदों पर नियुक्ति हुई थी। जिसमें वस्तु विशेषज्ञ, फसल सुरक्षा पद पर चयनित अभ्यर्थियों में प्रथम स्थान पर डॉ. अरविंद कुमार सिंह एवं द्वितीय स्थान पर रुद्र प्रताप सिंह व तृतीय स्थान पर किसी अन्य का नाम चयनित किए जाने के बाद विश्वविद्यालय की प्रबंध परिषद समिति द्वारा अनुमोदित करते हुए 26 फरवरी 2004 को तत्कालीन कुलपति डॉ. बीबी सिंह के पास पत्रावली भेज दी गई थी। सतर्कता अधिष्ठान द्वारा शासन को भेजी गई आख्या में बताया गया कि कुलपति द्वारा क्रम संख्या-3 पर चयनित अभ्यर्थी के नाम के स्थान पर सफेदा लगाकर पेन से डॉ. प्रमोद कुमार का नाम अंकित कर दिया गया। काली स्याही वाली पेन से कूट रचना करके आपराधिक षड्यंत्र रचकर उसी विज्ञप्ति पर 17 अगस्त 2004 को क्रमश: डॉ. अरविंद कुमार सिंह एवं डॉ. रुद्र प्रताप सिंह को नियुक्ति पत्र जारी कर दिया गया। 27 दिसंबर 2008 को कूट रचना कर अंकित किए गए गैर चयनित डॉ. प्रमोद कुमार को भी नियुक्ति पत्र जारी कर दिया।

उच्च न्यायालय के आदेश पर सतर्कता अधिष्ठान द्वारा की गई खुली जांच में विश्वविद्यालय में हुए नियुक्ति फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ जिसको लेकर निरीक्षक ने फर्जी नियुक्ति प्रकरण में विश्वविद्यालय के तत्कालीन कुलपति डॉ. बीबी सिंह, वरिष्ठ लिपिक कृषि विश्वविद्यालय ओम प्रकाश गौड़, विषय वस्तु विशेषज्ञ फसल सुरक्षा कृषि विज्ञान केंद्र बंसुली महाराजगंज डॉ. प्रमोद कुमार तथा वस्तु विशेषज्ञ फसल सुरक्षा कृषि विज्ञान केंद्र अंबापुर सीतापुर विनोद कुमार सिंह के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया। जिसमे धारा 420, 467, 468, 471 व 120बी, तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम यह तहत कार्रवाई की गई है।

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