जर्जर मंदिर से लोग परेशान, नोटिस चस्पा कर प्रशासन ने किया पल्ला साफ

राम नगरी के तुलसी नगर इलाके में यादव मंदिर की छत गिरने से दो श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद हरकत में आए प्रशासन ने बैरिकेड लगवाकर रास्ते को बंद करवा दिया और मंदिर के सामने नोटिस चस्पा कर इसके आसपास ना जाने की हिदायत दे दी।

By: आकांक्षा सिंह

Published: 20 Aug 2016, 11:47 AM IST

अयोध्या। अयोध्या में विश्व प्रसिद्ध सावन झूला मेला समाप्त हो चुका है लेकिन मेले के दौरान हुए दर्दनाक हादसों की यादें अभी भी लोगों के जेहन पर ताजा हैं। बीते मंगलवार को राम नगरी के तुलसी नगर इलाके में यादव मंदिर की छत गिरने से दो श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद हरकत में आए प्रशासन ने बैरिकेड लगवाकर रास्ते को बंद करवा दिया और मंदिर के सामने नोटिस चस्पा कर इसके आसपास ना जाने की हिदायत दे दी। लेकिन अब सवाल ये उठता है कि, आखिरकार कब तक इस क्षेत्र में आवागमन ठप रहेगा। बल्लियां लगाकर रास्ते को बंद करने के कारण आसपास के लोगों को आने जाने में काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं।

ayodhya

नगरपालिका के अधिकारियों को है उच्चाधिकारियों के आदेश का इंतजार

इलाके में सड़क बंद होने की समस्या को लेकर यहां स्थानीय नागरिकों में नाराजगी है वहीं नगर पालिका परिषद अयोध्या के अधिकारियों के पास इस समस्या का कोई हल नहीं है। जिला प्रशासन के निर्देश पर उन्होंने बैरिकेड लगाकर रास्ते को तो बंद करा दिया लेकिन रास्ता बंद होने के बाद इन जर्जर भवनों का आखिरकार क्या होगा, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। आपको बता दें कि, जिस स्थान पर यह जर्जर भवन हैं उसके ठीक सामने सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल भी है जहां रोज बच्चे पढ़ने के लिए आते हैं। बल्लियां लगे होने के कारण स्कूल के बच्चे बल्लियों को कूदकर स्कूल जाते हैं। अब सवाल यह है कि सिर्फ बल्लियां लगा देने से क्या क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा हो जाएगी अगर वाकई में यह भवन आम लोगों के लिए खतरा है तो इस भवन को गिराया क्यों नहीं जा रहा है।


ayodhya

जर्जर भवन को लेकर न्यायालय में लंबित है स्वामित्व का मुकदमा

नगर पालिका प्रशासन के सामने एक बड़ी समस्या इस बात की भी है कि, जिस जर्जर मंदिर की छत गिरने से दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई उस मंदिर के स्वामित्व को लेकर न्यायालय में मुकदमा चल रहा है। ऐसे में अभी तक किसी भी पक्ष की तरफ से न्यायालय ने अपना फैसला नहीं दिया है, जिसके कारण यहां पर यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश हैं। ऐसे में नगरपालिका प्रशासन भी न्यायिक कार्य में बाधा नहीं डालना चाहता। इसी वजह से अभी तक इस जगह मंदिर को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया जा सकता है और रास्ता बंद होने से आम लोगों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं।


ayodhya
Ram Mandir
Show More
आकांक्षा सिंह
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned