जाने- अयोध्या में महाशिवरात्रि का पर्व का महत्व

अयोध्या के प्राचीन नागेश्वर नाथ मंदिर से निकाली जाएगी भगवान शिव की बारात

By: Satya Prakash

Published: 05 Mar 2021, 11:17 AM IST

पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क

अयोध्या. राम नगरी अयोध्या में भगवान शिव की बारात की तैयारी शुरू कर दी गई है भव्य रूप में 11 मार्च को भगवान शिव का बारात निकाली जाएगी और देर रात्रि प्रतीकात्मक विवाह भी किया जाएगा जिसके लिए नागेश्वर नाथ मंदिर में तैयारी की जा रही है पूरे मंदिर परिसर की साफ सफाई के साथ सजाया जा रहा है।

राम की नगरी में निकलेगी शिव की बारात

राम नगरी अयोध्या में महाशिवरात्रि पर्व को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं अयोध्या में जिस तरह से भगवान श्री राम की भव्य राम विवाह का आयोजन किया जाता है तो उसी तरह भगवान शिव का भी भगवान श्री राम की नगरी में भव्य आयोजन किए जाने को लेकर तैयारियां की जा रही हैं भगवान राम और भगवान शिव के बीच का शास्वत संबंध है जिसके कारण आज अयोध्या ने इस महाशिवरात्रि को विशेष रुप से मनाया जाता है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के बारात में शामिल होते हैं।

कुश ने बनवाया था प्राचीन नागेश्वरनाथ मंदिर

अयोध्या में स्थापित नागेश्वरनाथ मंदिर में विराजमान भगवान शिव 108 ज्योतिर्लिंग में से है भगवान् राम के पुत्र कुश ने बनवाया जो अयोध्या के प्राचीन मंदिरों में से एक है ऐसी मान्यता है की राजा कुश का कड़ा सरयू स्नान कराते समय नाग कन्या कुमुदनी ने ले लिया जिससे नागों और राजा कुश में कई वर्षों तक युद्ध चला नाग वंश जब समाप्त होने की ओर था तव भगवान भोलेनाथ की पूजा नागों नें की और भोलेनाथ प्रकट हुए और दोनों पक्षों में सुलह कराया साथ ही नाग कन्या कुमुदुनी से कुश का विवाह भी कराया कुश कुमुदनी दम्पति ने भगवान शिव से अयोध्या वास करने का आग्रह किया इस पर भगवान शिव सरयू नदी के तट पर नागेश्वरनाथ भगवान के रूप में प्रकट हुए नागो ने भगवान शिव को अपने फनो पर उठा रखा था इसी लिये भगवान भोले नाथ नाग के आसन पर विराजमान हो कर भक्तो की सभी मनोकामना पूर्ण कर रहे है।

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