बड़ी खबर : मंदिर के 500 करोड़ की संपत्ति पर भू माफियाओं का कब्जा, एफआईआर दर्ज

दशरथ महल के महंत महंत देवेंद्रप्रसादाचार्य बिंदुगद्याचार्य ने भूमाफियाओं के खिलाफ दर्ज कराया एफआईआर

By: Satya Prakash

Published: 28 Jan 2021, 08:13 PM IST

अयोध्या : राम नगरी अयोध्या के प्रसिद्ध पीठ महाराजा दशरथ महल की 500 करोड़ की संपत्ति पर भूमाफियाओं ने पहले तो फर्जीवाड़ा कर अपने नाम करा लिया और फिर उसे बेंच भी दिया। जिसकी जानकारी मिलने के बाद महंत देवेंद्रप्रसादाचार्य, बिंदुगद्याचार्य ने एफआईआर दर्ज कराया है।

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भले ही भूमाफियाओं पर नकेल कसने का दावा कर रही हो लेकर स्थिति बिल्कुल इसके विपरीत है, उत्तर प्रदेश में बड़ी भू माफिया आज सक्रिय है। यहां तक कि लोग मंदिर और ट्रस्ट की जमीन भी फर्जीवाड़ा कर बेचने से बाज नही आ रहे है। ताजा मामला लखनऊ के वजीर गंज थाना क्षेत्र का है, जहां श्री महावीर महाराज जी विराजमान मंदिर छाछी कुआं धर्मार्थ सेवा ट्रस्ट की करीब 500 करोड़ की संपत्ति भूमाफियाओं पहले तो फर्जीवाड़ा कर अपने नाम करा लिया और फिर उसे बेंच भी दिया। जबकि इस जमीन का मालिकाना हक चक्रवर्ती महाराज श्री दशरथ जी बड़ा स्थान रामकोट अयोध्या जी का है। जब बड़ा स्थान के गद्दी नशीन को इस बात की जानकारी हुई तो उन्होंने इस मामले को लेकर लखनऊ में एफआईआर भी करायी गयी है।

दशरथ महल के महंत देवेंद्रप्रसादाचार्य बिंदुगद्याचार्य ने बताया कि छाछी कुआं श्री हनुमान जी का मंदिर बड़ा ही ऐतिहासिक है। जहां पर तुलसीदास जी भी रुक कर साधना किए थे। और वहां के लोगों में उस मंदिर के प्रति वाही आस्था है। जिसको लेकर कई भक्तों ने भगवान के लिए अपनी संपत्ति दान दी थी। जिसके कारण बड़ी संपत्ति व भूमि उस स्थान के पास थी। जिसकी सुरक्षा को लेकर वहांं के संत रघुदास जी ने संपत्ति की सुरक्षा बड़ा स्थान दशरथ महल के नाम देश आजाद के पहलेे ही एक रजिस्टर्ड वसीयत लिख दिया था। वही बताया कि वर्तमान समय में अपने आप को उस स्थान का महंत बता रहे अंजली दास ने अपने भाई और परिवार से मिल कर बेंच दिया। जिसको लेकर जेल भी जा चुके हैं। उनके भाई प्रदीप तिवारी ने अपने नाम करके बेंच दिया है। जिसको लेकर एफआईआर कराया गया है। और प्रशासन से मांग की है कि ऐसे व्यक्तियों पर तत्काल कार्यवाही की जाए जिससे आगे किसी भी प्रकार के मठ मंदिरों के संपत्ति को कोई भी नुकसान न पहुंचा सके।

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