मुस्लिम पक्षकारों को मिली भूमि भी विवादित

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मस्जिद के लिए आवंटित भूमि पर भी चल रहा दावेदारी का विवाद

अयोध्या : सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मस्जिद के लिए रौनाही के धन्नीपुर में दिए गए 5 एकड़ भूमि भी विवादों के घेरे में है। इस भूमि को लेकर वर्षों से दो पक्षों के बीच न्यायालय में विवाद चल रहा है। लेकिन सरकार इस भूमि को मस्जिद के लिए सन्नी वक्फ बोर्ड को आवंटित भी कर दिया है। हालांकि, जिला प्रशासन इस जमीन पर विवाद जैसी कोई बात नहीं मानता और न ही विवाद की पुष्टि करता है। जिला प्रशासन का कहना है कि यह सिर्फ मामले को उलझाने की कोशिश है, विवाद जैसी कोई बात नहीं है।

दरअसल वर्षों पूर्व आजादी के पहले इस भूमि को अंग्रेज सैनिको के पड़ाव के रूप में इस्तेमाल करते थे । और आजादी के बाद इस भूमि को पाकिस्तान से रिफ्यूजी के तौर पर आए ज्ञानचंद पंजाबी को पट्टे पर दे दी गई । ज्ञान चंद पंजाबी ने राम मंदिर का ताला बंद होने के समय भी भूमिका निभाई थी । उनकी मौत के बाद उक्त भूमि उनकी पत्नी कृष्णा देवी के नाम आ गयी । अभी यह परिवार दिल्ली शिफ्ट हो गया था और जमीन की देखभाल करने वाले उदित सिंह ने कब्जेदार और आसामी के तौर पर अपना दावा ठोक दिया। इसी बीच कृषि विभाग को भूमि सरकार ने दी। लिहाजा अब स्वामित्व को लेकर कृष्णा देवी सरकार से मुकदमा लड़ रही है । बीते 3 वर्ष पूर्व उनकी मौत हो गईं । अब उनकी बेटी रानी कपूर की उक्त भूमि को लेकर दावेदारी है और मुकदमा बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी अयोध्या के यंहा चल रहा है ।

वंही दूसरी तरफ उदित सिंह के पुत्र हरिनाथ सिंह आदि का भी इस भूमि पर अपना दावा है और उच्च न्यायालय ने इनको भूमि से बेदखल न करने का भी आदेश दिया था । मौजूदा समय मे हरिनाथ सिंह की मौत हो गयी है और उनके बेटे मदन सिंह भी इस भूमि पर अपनी दावेदारी छोड़ने को तैयार नही है । उक्त भूमि ही नही रौनाही थाने की भूमि और आम के बाग और नलकूप पर भी इनके अलग अलग दावे है। इसके साथ ही अब तीसरा पक्ष कृषि बिभाग है जिससे दोनों पक्ष मुकदमा लड़ते रहे है । यंहा तक कि उक्त भूमि को लेकर तत्कालीन एसडीएम टी जोसेफ ने भी सटे आर्डर दे रखा था । इस विवाद के सामने आते ही वर्तमान में अधिकारी चुप्पी साध रखी हैं।

इस भूमि की दावा कर रही रानी कपूर ने बताया कि यह प्रशासन की गलती है कि ज्ञान चंद्र पंजाबी को ज्ञानानंद मृत घोषित वल्द न मालूम किया गया है जिसकी जांच की जानी चाहिए। कि किस बेस पर ज्ञानचंद पंजाबी को ज्ञानानंद करके जहां कोर्ट केस चलाया जा रहा है प्रशासन के अनुसार उनका कोई बारिश नहीं है जबकि हम लोग ज्ञानचंद पंजाबी के बारिश है जिसकी जांच की जानी चाहिए।

इस भूमि को लेकर पहले से ही मुकदमा चल रहा है। जो कि विवादित है। यह भूमि ज्ञान चंद्र पंजाबी को केंद्र सरकार द्वारा पट्टे पर दी गई थी। यह सभी भूमि 266 व 276 गाटा संख्या ग्राम धन्नीपुर था।जो कि ज्ञान चंद्र पंजाबी के कब्जे में रही है। मस्जिद के लिए विवादित भूमि देकर मस्जिद के मामले को उलझाया गया है । जब मुकदमा विचाराधीन है तो उक्त भूमि मस्जिद के लिए कैसे दी जा सकती है ।

Satya Prakash
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