एक एकड़ में होगा भगवान श्री रामलला का भव्य मंदिर

-राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चम्पतराय के साथ तीन अन्य सदस्यों ने की परिसर का निरीक्षण

-मंदिर निर्माण से पहले भी टेंट में नही विराजमान होंगे श्री रामलला

अयोध्या : राम मंदिर निर्माण के लिए गठित अयोध्या तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहली बैठक के बाद अब अयोध्या में मौजूद ट्रस्ट के ट्रस्टी सक्रिय हो गए हैं शनिवार को ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय सदस्य राजा बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र और डॉ अनिल मिश्र के साथ पदेन सदस्य जिलाधिकारी अयोध्या अनुज झा राम जन्मभूमि परिसर पहुंचे और निरीक्षण किया सूत्रों की मानें तो इस पूरी कवायद के पीछे गर्भ गृह में विराजमान रामलला को मंदिर निर्माण से पहले शिफ्ट करने के लिए उपयुक्त स्थान का चुनाव है और राम जन्मभूमि परिसर के भीतर ऐसे स्थानों का निरीक्षण कर विचार-विमर्श किया गया जहां रामलला को अस्थाई रूप से शिफ्ट करने के बाद पूजा-पाठ और दर्शन में कोई व्यवधान ना आए।

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चम्पतराय ने कहा कि आज 28 वर्ष उस अधिग्रहित परिसर को देखा है वहीं बताया कि निरीक्षण में निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा तो वाहन किस मार्ग से आयेगा। जिसका रोड मैप तैयार किया जाएगा। वहीं कहा कि मंदिर निर्माण से पहले किस स्थल पर शिफ्ट किया जाएगा उसके सुरक्षा के अधिकारियों के मुताबिक तय किया जाएगा। लेकिन श्री रामलला को उस स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा जहां सुरक्षा में किसी को संदेह न बने इसके साथ श्रद्धालुओं के लिए कम दूरी चलकर दर्शन मिल सके। वहीं कहा कि अब रामलला को त्रिपाल के कपड़े में नही रखा जाएगा। मंदिर निर्माण से पहले अस्थाई मंदिर रखने के पूर्व सुरक्षा श्रद्धालुओं को कम समय मे दर्शन हो और इस प्रकार के मंदिर में हो जो कि कम से कम तीन वर्ष से पहले बदलना न पड़े। साथ ही कहा कि रामलला का मंदिर 1 एकड़ व कारिडोर 2 एकड़ में बनेगा इससे ज्यादा भूमि नही चाहिए। वही स्वरूपानंद सरस्वती ने पर निशाना साधते हुए कहा कि 34 वर्षों में स्वरूपानंद सरस्वती में कभी समर्थन नही किया इसका विरोध करने के लिए जितने उनके पास में हथियार थे सभी अपनाए।

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Satya Prakash
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