फैसले पर महंत नृत्य गोपाल दास का बयान हिन्दू समाज षडयंत्रकारी नही

28 वर्ष बाद बाबरी विध्वंस मामले में दोषमुक्त हुए आरोपी बने महंत नृत्य गोपाल दास

By: Satya Prakash

Published: 30 Sep 2020, 02:57 PM IST

अयोध्या : 28 वर्षों के बाद बाबरी विध्वंस मामले पर सीबीआईटी कोर्ट में आए फैसले के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास 6 दिसम्बर 1992 की घटना ( ढांचा ध्वस्तिकरण मामले से सीबीआई न्यायालय ) द्वारा मुक्त किये जाने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इस देश का कोई भी हिन्दू षडयंत्रकारी नही है। ढांचा गिरना आक्रोश का परिणाम था। देर से ही सही न्यायालय ने निर्णय देकर आस्था पर मोहर लगा दी है।

श्री सीताराम जी की कृपा से और करोड़ो भक्तों द्वारा किये गये अनुष्ठान पूजन से आज भगवान की जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण हो रहा है। विश्व मे निवास करने वाले हिन्दू ही नही मुस्लिम भी इस समस्या के समाधान से प्रसन्न हैं। भगवान श्री राम सभी के पूर्वज हैं। जिनकी जन्मभूमि अब मुक्त हो चुकी है। ऐसे मे छः दिसम्बर 1992 इतिहास मे अंकित हो चुका है।
उन्होंने कहा छः दिसंबर की घटना मे आरोपी बनाये गये लोग आस्था श्रद्धा और भक्ति से परिपूर्ण हैं।वह राष्ट्र और समाजहित के विरूद्ध कार्य करने वाले नही इसके बावजूद उन पर मुक्दमा चलवाकर कर मानसिक पीड़ा पंहुचाई गयी। आज हम सभी श्रीराम काज मे लगे कारसेवक न्यायालय द्वारा दोषमुक्त हुये हैं।

विहिप मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने कहा सी बी आई न्यायालय द्वारा आज का निर्णय अभिनंदनीय है। छः दिसम्बर की घटना 30अक्टूबर व 2नवंबर 1990 की रक्तरंजित क्रिया की प्रतिक्रिया मे हुई थी। घटना कोई पूर्व नियोजित नही थी। जिनको अभियुक्त बनाया गया वह कही भी षडयंत्रकारी नही थे बल्कि राजनीतिक शिकार बनाये गय श्रीराम जन्मभूमि का संघर्ष इतिहास के पन्नो मे अंकित हो चुका है। 9 नवंबर 2020 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णाय से किसी भी पक्ष की जय पराजय नही हुई बल्कि एक पक्ष की संपत्ति उसे पुनः वापस प्राप्त हुई है।

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