25 हज़ार से ज़्यादा लावारिश लाशों का अंतिम संस्कार करने वाले चाचा गम्भीर रूप से बीमार

-इलाज के नहीं हैं पैसे, घर में पड़े हैं अकेले
-2020 में मिला था पदमश्री उसे भी लेने नहीं जा सके दिल्ली

By: Satya Prakash

Published: 21 Feb 2021, 10:54 AM IST

पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क
अयोध्या. लावारिश लाशों के मसीहा कहे जाने वाले पद्मश्री के लिये नामित समाजसेवी मोहम्मद शरीफ (Mohammad Sharif) कई दिनों से बीमार चल रहे हैं जिसके कारण वह बिस्तर पर ही लेटे हैं। मामले की सूचना पर पहुंचे अपर जिलाधिकारी नगर वैभव शर्मा ने उनका हालचाल लिया और उनके परिवार को हर सम्भव मदद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। फिलहाल उनका घर पर ही इलाज किया जा रहा, उनकी हालात स्थिर है।

अयोध्या जनपद में रहने वाले नबाब शरीफ की तबियत खराब होने के कारण बड़ी संख्या में लोग मिलने के लिए पहुँच रहे हैं। वहीं चेकअप करने पहुंचे डॉक्टर वीरेंद्र वर्मा ने बताया कि घबराने की कोई बात नहीं है उनके पेट में सूजन है और बढ़ती उम्र के कारण थोड़ी परेशानी है। फिलहाल उनको कुछ शारीरिक चेकअप व पेट का अल्ट्रासाउंड के लिये लिखा गया है। जिसकी रिपोर्ट आने के बाद उनका उचित उपचार किया जा सकेगा।

अयोध्या के खिड़की अलीबेग क्षेत्र में रहने वाले मोहम्मद शरीफ का संयुक्त परिवार है जिसमे 20 लोग है। उनकी पत्नी बिब्बी खातून और इनके पुत्र मोहम्मद अशरफ मकैनिक व मोहम्मद सगीर ड्राइवर का कार्य करता है। मोहम्मद शरीफ अपने परिवार से खुद से लेकिन उनके परिवाार के बीच हुई एक घटना से दुखी रहते हैं। दरसल उनके बड़े बेटे मोहम्मद रईस का 28 वर्ष की अवस्था मे डेथ हो गया। जिसके बाद उन्होंने लावारिश लाशों को ही अपना पुत्र मानकर अंतिम संस्कार करने लगे आज 25000 से ज्यादा लावारिस शवों का अंतिम संस्कार कर चुके हैं। जिसके कारण पूरे देश में चर्चा मे रहे और सरकार ने उन्हें पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित करने का भी निर्णय लिया 30 जनवरी 2020 को पद्मश्री अवार्ड के लिए चयनित होने के लिए उन्हें पत्र मिला 20 मार्च को दिल्ली जाना था लेकिन कोरोना महामारी के कारण नहीं मिल सका है।

वहीं पद्मश्री मोहम्मद शरीफ ने बताया कि चार-पांच माह से उनकी तबियत खराब चल रही है इधर कुछ दिनों से उनकी तबियत ज्यादा खराब हो गई है, जिसके चलते उनका पूरा परिवार परेशान है। उन्होंने बताया कि जब से उनकी तबियत खराब है वह घर पर ही आराम कर रहे हैं। पैर में तकलीफ होने के कारण वह चलने में असमर्थ है, जिसके कारण उनका घर पर ही इलाज चल रहा है। अचानक तबियत खराब होने की खबर जैसे ही लोगों को लगी तो उनका हालचाल लेने के लिये लोग उनके घर पहुंचने लगे। हालांकि उन्होंने अपने शुभचिंतकों को संदेश देते हुये कहा है कि वह मेरी तबियत को लेकर हताश न हों वह जल्द ही स्वस्थ होकर सभी के बीच में होंगे। बता दें कि बीते कई वर्षों से लावारिश लाशों का अंतिम संस्कार करने वाले मोहम्मद शरीफ को उनकी इसी सामाजिक सेवा के लिये जनवरी 2020 में पद्मश्री के लिये नामित किया गया है हालांकि कोरोना संक्रमण काल की वजह से उन्हें अभी तक पद्मश्री सम्मान नहीं मिल सका है।

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