राम मंदिर के ट्रस्ट में शामिल होने को लेकर घमासान, निर्मोही अखाड़ा के बड़े पद की मांग से संतों में हलचल

श्रीरामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास के बाद अब निर्मोही अखाड़े ने भी ट्रस्ट में शामिल होने का मन बनाया है

अयोध्या. अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले (Ayodhya Verdit) के बाद भी राम मंदिर के रोड़े खत्म नहीं हो रहे। राम मंदिर के ट्रस्ट का स्वरूप अभी ठक तरह से तय भी नहीं हो पाया है कि ट्रस्ट का मुखिया बनने को लेकर घमासान शुरू हो गया है। श्रीरामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास के बाद अब निर्मोही अखाड़े ने भी ट्रस्ट में शामिल होने का मन बनाया है। अखाड़े की मांग है कि उन्हें ट्रस्ट में अध्यक्ष या सचिव पद दिया जाए। इस सिलसिले में निर्मोही अखाड़ा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) से मुलाकात कर अपनी बात को उनके समक्ष रखेगा।

पुनर्विचार याचिका दाखिल न करने का फैसला

निर्मोही अखाड़ा ने जिलाधिकारी अनुज झा को ज्ञापन सौंपा है जिसमें उसने मंदिर के ट्रस्ट में शामिल होने को लेकर प्रधानमंत्री से मुलाकात कर अपनी बात रखने का समय मांगा है। इससे पहले रविवार को निर्मोही अखाड़ा ने बैठक कर सर्वसम्मति से फैसला किया कि वह कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल नहीं करेगा और राम मंदिर के ट्रस्ट में शामिल होगा।

अध्यक्ष या सचिव पद की मांग

निर्मोही अखाड़ा के वकील रणजीत लाल वर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी माना है कि मंदिर के ट्रस्ट में निर्मोही अखाड़ा को शामिल किया जाए। नए राम मंदिर का ट्रस्ट पीएमओ बनाएंगे, जिसमें निर्मोही अखाड़ा भी शामिल होगा। निर्मोही अखाड़ा की मांग है कि ट्रस्ट में शामिल होने पर उसे अध्यक्ष या सचिव पद दिया जाए।

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Karishma Lalwani
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