ट्रस्ट ने किया एफसीआरए आवेदन, अब विदेश में रहने वाले रामभक्त दे सकेंगे आसानी से मंदिर निर्माण के लिए चंदा

 

- चौथे पिलर की तैयारी शुरू

- 740 एकड़ में तैयार होगी नव्य अयोध्या, तैयारी शुरू

By: Karishma Lalwani

Published: 18 Sep 2020, 03:45 PM IST

अयोध्या. विदेश में रहने वाले राम भक्त अब आसानी से राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा दे पाएंगे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने कार्यालय में विदेशों से चंदा देने के लिए रोजाना आ रहे फोन के मद्देनजर अब गृह मंत्रालय से फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट के तहत इजाजत लेने के लिए आवेदन किया है। अनुमति मिलते ही लाखों की तादाद में विदेशों में रह रहे भारतीय भी राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा दे सकेंगे। बता दें कि अब तक 70 करोड़ से ज्यादा का चंदा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अकाउंट में जमा हो चुका है। चंदा देने वाले लोग चेक, मनीऑर्डर, ऑनलाइन ट्रांसफर, नकदी समेत आभूषण, चांदी की ईंटें आदि के जरिये चंदा भेज रहे हैं।

एसबीआई खाते में सबसे ज्यादा चंदा

सबसे ज्यादा चंदा ट्रस्ट के एसबीआई खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर के द्वारा आया है। राममंदिर ट्रस्ट के कार्यालय में भी रोजाना करीब 20 से 30 हजार की नकदी आ रही है। रोजाना कई चेक भी आ रहे हैं, जिन्हें ट्रस्ट के बैंक अकाउंट में जमा कराया जाता है। इसके अलावा मनी ऑर्डर भी बड़ी संख्या में डाकखाने में आ रहे हैं।

पीएनबी में एनआरआई अकाउंट खुलवाने की तैयारी

एसबीआई के बाद पाएनबी में अकाउंट खुलवाने की तैयारी है। ट्रस्ट एनआरआई से चंदा हासिल करने के लिए पंजाब नेशनल बैंक में एक एनआरआई अकाउंट भी खुलवाने जा रहा है। इस अकाउंट में भी राम मंदिर के निर्माण से जुड़ा चंदा इकट्ठा किया जाएगा।

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को विदेश से राम भक्तों की फोन आ रही है। ये राम भक्त मंदिर के निर्माण के लिए दान देना चाहते हैं। लेकिन ट्रस्ट अभी विदेशी चंदा लेने के लिए अधीकृत नहीं है। अब ट्रस्ट ने विदेशी चंदे के लिए गृह मंत्रालय से फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट के तहत इजाजत लेने के लिए आवेदन किया है। हालांकि, यह आसान प्रक्रिया नहीं है। कानून के तहत विदेश से चंदा लेने के लिए फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट के नियों का पालन करना होता है। विदेशी चंदे को नियंत्रित करने के लिए आपातकाल के दौरान हमारे देश में फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन ऐक्ट, 1976 लागू किया गया था।

चौथे पिलर की तैयारी

लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अयोध्या में राम मंदिर बनने का रास्ता साफ हो गया है। रामजन्मभूमि में तीसरे पिलर का निर्माण पूरा हो चुका है और अब चौथे के निर्माण को पूरा करने की तैयारी है। परिसर में निर्माणाधीन राम मंदिर की नींव के उत्खनन से पहले टेस्ट पाइलिंग का कार्य चल रहा है। इसके अलावा मंदिर के लिए चिन्हित स्थल पर पूरे क्षेत्रफल में 1200 स्थानों पर 100 फीट गहराई में भूमिगत स्तम्भ का निर्माण कराया जाना है।

भूमिगत स्तम्भ के निर्माण के लिए सीमेंट, मोरंग व गिट्टियां शामिल होंगी। इनका स्टोरेज करने के साथ सुरक्षित स्थान पर मिक्सिंग कर समयबद्ध ढंग से कार्य पूरा कराने के लिए परिसर में ही प्लांट स्थापित करने का निर्णय लिया गया था। इसी कड़ी में यह कार्य शुरू करा दिया गया है। एक सप्ताह के अंदर सामग्रियों को लाने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी।

740 एकड़ में तैयार होगी नव्य अयोध्या, तैयारी शुरू

उत्तर प्रदेश सरकार नव्य अयोध्या बनाने की तैयारी तेज कर दी है। 740 एकड़ भूमि पर नव्य अयोध्या को आधुनिक सुविधाओं से लैस पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। जल्द ही इस योजना पर कैबिनेट में भी मंजूरी मिलेगी। योगी सरकार प्राचीन अयोध्या को मूल अतित्व में लागे की तैयारी के साथ एक नव्य अयोध्या बनाये की तैयारी है। जिसमें देश विदेश आने वाले पर्यटकों के लिए तमाम सुविधाएं दी जाएंगी जिससे प्राचीन अयोध्या को देखने के सभी सुविधाएं मिल सकेंगी जैसे स्टार होटल, पार्क, मल्टी डीलक्स पार्किंग व आधुनिक सुविधाओं से लैस आधुनिक नगर दिखाई देगी। जिसके लिए भूमि अधिग्रहण की तैयारियां शुरू हो गई है। मांझा बरहटा, मांझा शाहनेवाजपुर व मांझा तिहुरा क्षेत्र में सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है। अयोध्या पहुंची सर्वेयर टीम ने स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की है। 22 सितंबर को आवास विकास परिषद की बैठक में इस योजना को मंजूरी मिलते ही अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।

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