रामजन्मभूमि के नीचे है त्रेता युग का महल : वेदांती

पूर्व भाजपा सांसद डॉ रामविलास दास वेदांती का दावा गर्भगृह स्थल पर कराई जाए खुदाई तो मिलेंगे त्रेता युग की कलाकृतियां

By: Satya Prakash

Updated: 21 May 2020, 09:51 PM IST

अयोध्या : राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण कार्य को लेकर परिसर में चल रहे समतलीकरण के दौरान मिले प्राचीन अवशेषों को लेकर भाजपा के पूर्व सांसद डॉ रामविलास दास वेदांती नहीं बड़ा दावा किया है उनके मुताबिक मिले चिन्ह महाराजा विक्रमादित्य काल के समय का है साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया है कि गर्भ ग्रह स्थान अगर गहरी खुदाई की जाए तो वहां पर त्रेता युग के भी चिन्ह प्राप्त होंगे।

डॉ रामविलास दास वेदांती राम मंदिर आंदोलन में सक्रिय भूमिका में रहे ने आज राम जन्मभूमि परिसर में प्राचीन अवशेषों को लेकर पत्रिका टीम से खास बातचीत में बताया कि त्रेतायुग के बाद कलयुग में राजा विक्रमादित्य ने जब रामजन्मभूमि का खोज किया। और 84 कसौटी के खंभों से भगवान श्री राम का मंदिर बनवाया था जो कि बहुत ही ऊंचा मंदिर था इतना ऊंचा था कि जब बाबर पहली बार लखनऊ पहुंचा तो उसे आसमान में दो चांद नजर आए। और जब यह बात उसे पता चला कि यहां राम मंदिर के शिखर पर लगा चंद्रमणि की चमक है तो वह उसे पाने के ललक में भगवान श्री राम के भव्य मंदिर को तोड़वा दिया। आज उन स्थानों पर खुदाई के बाद जो अवशेष मिले हैं उसे यहां किसी तरह से मस्जिद होने का प्रमाण दिखाई नहीं देता यहां पर जो भी मिला वह भगवान राम के जीवन से जुड़े चिन्ह ही प्राप्त हुए हैं। वही बताया कि अयोध्या के संत समाज जाता है कि भगवान श्रीराम का मंदिर सबसे ऊंचा शिखर वाला मंदिर बने जिसकी ऊंचाई 1111 फुट हो। इसलिए रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्यों से निवेदन करूंगा कि इन सभी साक्ष्यों को देखते हुए देश के धरोहर के रूप में भगवान श्रीराम का सबसे ऊंचा मंदिर बने। विश्व के सभी हिंदू समाज ही नहीं बल्कि सभी संत समाज में सहयोग करने के लिए तैयार हैं। वह मिले अवशेषों को लेकर कहां थी या अवशेष विक्रमादित्य काल की है। अभी पत्थर बहुत से नीचे दबे हुए हैं यदि नीचे खुदाई की जाए तो त्रेता युग की कलाकृतियां भी नीचे मिल सकती हैं क्योंकि गर्भगृह के पीछे बहुत बड़ा खाई है 2 लगभग 50 फुट से अधिक है अगर उसके निचले तथा के मुताबिक गर्गल पर खुदाई की जााए तो राजा दशरथ के द्वारा बनाए गए महल भगवान श्री राम के लिए बनवाया था उस मंदिर का पूरा दृश्य देखने को मिलेगा।

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