टेस्ट पाइलिंग में खिसका पिलर अब होगी खुदाई

मंदिर फाउंडेशन के लिए विशेषज्ञ समिति ने रिपोर्ट के लिए मांगा समय, 20 दिसंबर तक पेश हो सकता है रिपोर्ट

By: Satya Prakash

Published: 18 Dec 2020, 12:36 AM IST

अयोध्या : राम मंदिर निर्माण के लिए परिसर में हुए टेस्ट पाइलिंग की रिपोर्ट फेल हो गई है जिसको लेकर अब देश के टॉप इंजीनियरों की टीम नए सिरे से 1200 पिलर व फाउंडेशन तैयार करने की योजना तैयार कर रहे हैं। जिसको लेकर 20 दिसंबर तक विशेषज्ञ समिति रिपोर्ट शौंपेंगी।

रामजन्मभूमि परिसर में मंदिर निर्माण को लेकर सितंबर में हुए टेस्ट पाइलिंग में लोड टेस्टिंग के दौरान डाले गए पिलर में नीचे मिले भुर भूरी बालू के कारण लगभग 5 इंच धंस गया था। इंजीनियरों की मिली इस रिपोर्ट को देखते हुए पाइलिंग के लिए देश के टॉप इंजीनियरों की समिति का गठन किया गया है जो पिलर के मजबूती के लिए नए सिरे से टेस्टिंग के लिए योजना बना रहे हैं। पुर में विनिर्माण समिति की बैठक में 15 दिसंबर को इंजीनियरों से रिपोर्ट मांगी गई थी लेकिन चल रहे रिसर्च और अध्ययन को देखते हुए इंजीनियरों ने रिपोर्ट देने के लिए और समय मांगा है माना जा रहा है कि 20 दिसंबर को इंजीनियर अंतिम रिपोर्ट सौंप सकते हैं तो वही राम जन्मभूमि परिसर में मंदिर निर्माण के लिए परकोटा का कार्य भी इसी सप्ताह प्रारंभ करने की योजना बनाई है।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने पत्रिका टीम को खास जानकारी देते हुए बताया कि इंजीनियरों की समिति ने रिपोर्ट्स ऑफिस जाने के लिए 4 दिन वक्त मांगा है इसलिए ट्रस्ट ने मंदिर निर्माण में किसी भी प्रकार से कमी नही चाहती है इसलिए इंजीनियरों को समय दिया है जल्द ही रिपोर्ट सौंपेंगे वही बताया कि इससे पहले परकोटे का निर्माण इसी सप्ताह में प्रारंभ हो जाएगा बताया कि दक्षिण भारत के सभी मंदिरों में परकोटे का निर्माण किया जाता है मंदिर के बाहर की जो दीवाल बनाई जाती है उसे परकोटा माना जाता है उसके अंदर मंदिर का निर्माण होगा उसके बाद परिसर होता है पर कोटा के अंदर के कार्य पार्ट वन और उसके बाहर पार्ट 2 के तहत कार्य किया जाएगा। ने बताया कि मंदिर निर्माण के बाद परकोटा निर्माण कराए जाने की मंशा बनाई गई थी लेकिन अब मंदिर निर्माण से पहले परकोटा को बनाए जाने का निर्णय पूर्व में अयोध्या में हुए बैठक में लिया गया है।

वही बताया कि मंदिर निर्माण के लिए निर्माण स्थल के बाहर टेस्टिंग किया गया था। टेस्टिंग में जितनी सफलता मिलनी चाहिए थी उतना नहीं मिली। वही टेस्ट पाइलिंग में फेल होने का कारण बताते हुए कहा कि इसमें लार्सन एंड टूब्रो कि किसी भी प्रकार की गलती नहीं है क्योंकि ट्रस्ट ने लार्सन एंड टूब्रो कंपनी के इंजीनियरों को खुदाई करने पर रोक लगाई थी जिसमे ट्रस्ट ने बिना खुदाई व बिना सरिया का प्रयोग किए पाइलिंग कार्य को करने की शर्त रखी थी जिसके आधार पर कार्य किया गया था इसलिए उनके लिए और कोई चारा नहीं था और अब ट्रस्ट में कंपनी को खुदाई करने की शर्त को हटा लिया है अब लार्सन एंड टूब्रो के इंजीनियर आवश्यकता अनुरूप खुदाई कर सकेंगे।

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