5 दिसंबर से पहले राम जन्म भूमि विवाद का आपसी समझौते से निकलेगा हल: प्रिंस तूसी

5 दिसंबर से पहले राम जन्म भूमि विवाद का आपसी समझौते से निकलेगा हल: प्रिंस तूसी
Prince Yakub Habeebuddin Tucy

Shatrudhan Gupta | Updated: 01 Nov 2017, 09:53:43 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

राम नगरी अयोध्या पहुंचे हैदराबाद के प्रिंस और मुगल वंशज याकूब हबीब उद्दीन तुसी ने बुधवार को रामलला के दर्शन किए।

अयोध्या. राम नगरी अयोध्या पहुंचे हैदराबाद के प्रिंस और मुगल वंशज याकूब हबीब उद्दीन तुसी ने बुधवार को रामलला के दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने अध्योध्या में जानकी घाट स्थित बड़ा स्थान पर संतों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद पर संतो से खुलकर चर्चा की। पत्रिका संवाददाता से बातचीत करते हुए हैदराबाद के प्रिंस याकूब हबीब उद्दीन तुसी ने बताया कि हम आज अयोध्या में रहने वाले मुस्लिम और हिन्दू संतो से मिलने आए हैं, लेकिन यहां हिंदू-मुस्लमान आपस में जिस तरह से रह रहे हैं, यह देख काफी खुशी हुई। उन्होंने कहा कि यहां गंगा-जमुनी तहजीब देखने को मिल रही है। मुगल वंशज याकूब हबीब उद्दीन तुसी ने कहा कि हिंदुस्तान में लोग जो जिस तरह से अफवाह फैला रहे हैं, वह गलत है।

श्रीश्री रविशंकर से हो चुकी है बात

उन्होंने बताया कि श्री श्री रविशंकर से तथा मुस्लिम लॉ बोर्ड के लोगों से मिलकर राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद के विवाद को सुलझाने के लिए हम आगे बढ़ रहे हैं। क्योंकि, सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आपस में बैठकर फैसला कर लें। हालांकि, इस पर अब तक किसी ने पहल नहीं की। इसलिए आज हम अयोध्या आए हुए हैं। अयोध्या में जिस तरह हिंदू मुस्लिम का प्रेम है, वह हमेशा कायम रहे यही मेरी कामना है और राजनीतिक लोग इसको मुद्दा ना बनाएं।

गंगा-जमुनी की मिशाल है अयोध्या

हैदराबाद के प्रिंस और मुगल वंशज याकूब हबीब उद्दीन तुसी ने कहा कि दुनिया में यहां के माहौल जैसा कहीं देखने को नहीं मिला। यहां के लोग गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल हैं। एक प्रश्र के जवाब पर उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि विवाद में पहले हम इसलिए नहीं दाखिल हुए, क्योंकि यह एक राजनीतिक मुद्दा बन गया था। अब यह मौका आ गया है कि जल्द से जल्द आपस में सुलह कर रास्ता निकाले। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट भी यही चाहता है कि हम आपसी सुलह से इस विवाद का रास्ता निकालें।

उन्होंने कहा कि देश में आज लोग इस्लाम के नाम पर, मजहब के नाम पर लड़ाई पैदा कर रहे हैं। हम जल्द ही मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड व ***** संतो के साथ बैठकर इस मसले का हल निकालेंगे और देश मे एक मिशाल कायम करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ भी जाता है तो आपस की दरारें कभी खत्म नहीं होगा, इसलिए हम सभी प्यार मोहब्बत से आपसी सुलह से यह मसला हल करें तो ज्यादा अच्छा होगा। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में 5 दिसंबर से शुरू होने वाले तारीख से पहले ही इस मसले पर फैसला लिया जाएगा, जिसके लिए हम लोग लगातार संघर्ष कर रहे हैं।

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