Ram Mandir : जाने Covid काल में मंदिर निर्माण की पूरी जानकारी

Covid संक्रमण से ग्राउंड इम्प्रुमेंट का कार्य के लिए नही बढ़ाये जा सके वर्करों की संख्या, मैटेरियल की आपूर्ति भी हुआ धीमा

By: Satya Prakash

Updated: 28 Apr 2021, 03:48 PM IST

पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क
अयोध्या. Covid महामारी ने राम मंदिर निर्माण को लेकर चल रहे ग्राउंड इंप्रूवमेंट के कार्य को भी प्रभावित किया है। और निर्माण कार्य को तेज गति देने के बढ़ाये जाने वाले मजदूरों रोक दिया गया है। साथ ही ग्राउंड इंप्रूवमेंट के लिए मैटेरियल के आने का क्रम भी धीमा है। जिसको देखते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने ग्राउंड इंप्रूवमेंट राम मंदिर निर्माण के लिए निर्धारित किए गए इस समय पर पूरा न हो पाने की संभावना जताई है।

Covid प्रोटोकॉल में चल रहा ग्राउंड इम्प्रुमेंट का कार्य

कोरोना संक्रमण से पूरा देश प्रभावित है जहां लोग बड़ी संख्या में संक्रमित हो रहे हैं वहीं संक्रमण से मौतों का आंकड़ा भी बढ़ गया है। जिसके कारण राम जन्मभूमि परिसर में ग्राउंड इंप्रूवमेंट कार्य को लेकर तेज गति पर विराम लग गया है। और पहले की तरह ग्राउंड इंप्रूवमेंट कार्य के लिए L&T व TCE कंपनी के 50 वर्कर ही कार्य कर रहे हैं। जबकि निर्माण कार्य की गति को तेज करने के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रामकोट क्षेत्र में ही डेढ़ सौ से अधिक वर्करों को रोके जाने की व्यवस्था कर रामनवमी के बाद वर्करों की संख्या को बढ़ाए जाने की तैयारी भी पूरी कर दी गई थी लेकिन कोविड-19 से मजदूरों की संख्या के बढ़ोतरी पर रोक लगा दिया गया। यही नहीं राम जन्मभूमि परिसर में कार्य कर रहे मजदूरों के क्रम पर भी गति धीमी हुई है जहां वर्तमान समय में कार्य कर रहे वर्कर सुबह 7:00 बजे से अपने कार्य को प्रारंभ कर देते थे वही तो वही अब कार्य को प्रारंभ करने के लिए समय लग रहा है। मिली जानकारी के अनुसार लगभग 8:00 बजे मजदूर अपने कार्य को प्रारंभ करते हैं और दोपहर 1:00 बजे इस काम को रोक दिया जाता है जिसके बाद 4:00 बजे से और 8:00 बजे तक दूसरी शिफ्ट कार्य करती है। क्योंकि राम जन्मभूमि परिसर में प्रवेश करने वाले मजदूरों को पहले सुरक्षा की दृष्टि से जांच की जाती है उसके बाद कोविड के प्रोटोकॉल को पूरा कराया जाता है। तो वही परिसर में चल रहे कार्य सिर्फ 2 शिफ्टों में ही किया जा रहा है।

3 वर्ष में मंदिर निर्माण को पूरा करने का लक्ष्य भी प्रभावित

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने ग्राउंड इम्प्रुमेंट व मंदिर निर्माण को समय से पूरा न किये जाने की सम्भवना जताई है। ट्रस्ट के महासचिव चम्पतराय ने बताया है कि कोरोना महामारी ने भारत के सारे चक्र को बाधित किया है। फिर से लॉक डाउन, कर्फ्यू से विभिन्न प्रकार के दुकानों को खोलने का समय सहित सभी कार्य बाधित हुए हैं। इसके कारण ट्रकों का परिचालन भी बाधित हुआ है। जहां से गिट्टी, मोरंग आता है। वहां पर भी कुछ समस्या आई होगी। वहीं कहा कि परिसर फिलिंग का कार्य चल रहा है इसके इस कार्य की गति कम हुई है लेकिन रुका नही है। वही कहा कि दिए समय के अनुसार कार्य पूरा करने का 3 वर्ष का लक्ष्य भी प्रभावित हो सकता है। अभी परिसर कार्य कर रहे सभी वर्कर स्वस्थ हैं और आसा करते हैं कि भगवान उन सब पर अपनी कृपा बनाये रखेंगे।

परिसर के विस्तार में खरीदी गई 18 करोड़ से अतिरिक्त भूमि

राम जन्मभूमि परिसर के विस्तारीकरण का कार्य को लेकर ट्रस्ट ने परिसर से जुड़े कई भवन व भूमि पर अपना अधिकार प्राप्त कर लिया है। तो कहीं अन्य स्थानों को जोड़ने के लिए अयोध्या में ही अतिरिक्त भूमि जुटा रहे हैं। हाल ही में अयोध्या मणि पर्वत के पास बाग विघेसर क्षेत्र में 18 करोड़ में 12080 वर्गमीटर की अतिरिक्त भूमि क्रय की है। जिससे परिसर के विस्तार में प्रभावित लोगों को बसाए जाने का कार्य किया जाएगा।

रतन टाटा ने भी मंदिर निर्माण के लिए दिए 5 करोड़

कोरोना संक्रमण के बीच आज भी मंदिर निर्माण के लिए मिल रहे दान का क्रम नहीं रुक रहा मंदिर निर्माण को लेकर देशभर में चले निधि समर्पण अभियान के दौरान 6000 से अधिक की धनराशि ट्रस्ट के खाते में प्राप्त हुई है तो वहीं अब देश के बड़े उद्योगपति भी इस मंदिर निर्माण के लिए दान दे रहे हैं। मुंबई के टाटा साइंस प्रमुख रतन टाटा ने 5 करोड़ का दान आरटीजीएस के माध्यम से श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्ष्रेत्र ट्रस्ट के खाते में ट्रांसफर किया है।

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