दोबारा बनाई जाएगी राम मंदिर के नींव की डिजाइन, बालू की परत ने खड़ी की नई मुसीबत

भव्य राम मंदिर की नींव खोदाई का काम एक बार फिर तकनीकी अड़चनों के चलते फंसता हुआ दिखाई दे रहा है।

अयोध्या. भव्य राम मंदिर की नींव खोदाई का काम एक बार फिर तकनीकी अड़चनों के चलते फंसता हुआ दिखाई दे रहा है। इस बार जमीन के नीचे मिलने वाली भुरभुरी बालू ने निर्माण इंकाइयों विशेषज्ञों के सामने बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी है। अब निर्माण कार्य में लगे इंजीनीयर इस तकनीकी समस्या से निजात पाने में लगे हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक बालू की परत के चलते पाइलिंग टेस्टिंग के दौरान बनाए गए पिलर 2 से 3 इंच तक खिसक गए थे। जिसके बाद राममंदिर की नींव के नक्शे को लेकर एक बार फिर मंथन नये सिरे से शुरू हो गया है।

 

 

मंदिर की मजबूती पर खड़े हुए सवाल

दरअसल सरयू नदी के किनारे होने के कारण जमीन के अंदर मिल रही बालू के चलते मंदिर की मजबूती को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए 1200 स्तंभों का निर्माण किया जाना है। इसके पहले टेस्टिंग के लिए 12 पिलर का निर्माण किया गया है, लेकिन टेस्टिंग के दौरान जब इस पर भार डाला गया तो कुछ पिलर जमीन के निचले हिस्से में खिसक गए।

 

 

नए सिरे से बनेगी नींव की डिजाइन

सूत्रों के मुताबिक अब यह तय हुआ है कि नए सिरे से राममंदिर के नींव की डिजाइन तैयार की जाए। इसके लिए आठ सदस्यीय कमेटी भी गठित की गयी है। आईआईटी दिल्ली के पूर्व निदेशक वीएस राजू की अध्यक्षता में गठित आठ इंजीनियर और कंस्ट्रक्शन एक्सपर्ट मंदिर की नींव से जुड़े कामों पर नजर बनाए हुए हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों की मानें तो इंजीनियर की कमेटी की रिपोर्ट पर ही नए सिरे से नींव की शुरुआत होगी। उसी का इंतजार किया जा रहा है।

 

Ram Mandir राम मंदिर
नितिन श्रीवास्तव
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