492 साल बाद चांदी के सिंहासन पर विराजे रामलला, सीएम योगी आदित्यनाथ ने अभिषेक कार्यक्रम में की विशेष आरती

- जन्मभूमि टेंट में आखिरी बार आरती हुई

- बुधवार तड़के 3 बजे रामलला अस्थाई मंदिर में विराजे

- सीएम योगी ने अभिषेक कार्यक्रम में की विशेष आरती

- श्रीरामलला के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए खोले गए

- हालांकि, लॉकडाउन की वजह श्रद्धालु अभी दर्शन नहीं कर सकेंगे

पत्रिका लाइव


अयोध्या. देशभर में कोरोना वायरस के लॉकडाउन के बीच अयोध्या में रामलला चैत्र नवरात्रि के पहले दिन बुधवार को तडक़े करीब 4 बजे तिरपाल से निकलकर अस्थायी मंदिर में विराजमान हो गए। दो दिन के वैदिक अनुष्ठान के बाद रामलला को शिफ्ट किया गया। इस दौरान श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारी, सीएम योगी आदित्यनाथ और कुछ संत-महंत उपस्थित थे। वर्ष 1528 के बाद पहली बार श्रीरामलला चांदी के सिंहासन पर विराजमान हुए हैं। योगी आदित्यनाथ की विशेष आरती के बाद सुबह सात बजे के बाद श्री रामलला के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। हालांकि लॉकडाउन की वजह से अभी दर्शन मिलना मुश्किल है।

बुधवार को तडक़े 3 बजे श्री रामलला, उनके भाइयों और भक्त हनुमान को परिसर में ही बने अस्थाई मंदिर में शिफ्टिंग की प्रक्रिया शुरू हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार की शाम ही अयोध्या पहुंच गए थे। वे यहां गेस्ट हाउस में रुके थे। सीएम योगी आदित्यनाथ ब्रह्ममुहूर्त में साढ़े चार बजे श्रीराम जन्मभूमि परिसर में पहुंचे और लगभग एक घंटा वहां रहे। शिफ्टिंग के दौरान वह श्रीराम जन्मभूमि स्थित मानस भवन में मौजूद थ्रे। रामलला की शिफ्ंिटग से पहले ही पूजा अर्चना शुरू हो गयी थी। मंगलवार को मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास ने रामलला को नए स्थान पर विराजने की प्रार्थना की। और अस्थाई मंदिर का वास्तु पूजन किया। रात 2 बजे से तडक़े 3 बजे तक टेंट के गर्भगृह में रामलला की अंतिम बार आरती, भोग और श्रृंगार हुआ। इसके बाद वैकल्पिक गर्भगृह में श्रीरामलला को विराजमान किया गया।

रामलला और उनके भाइयों के लिए अलग-अलग पालकी

3 बजे के बाद श्रीरामलला को उनके भाइयों व हनुमानजी को गर्भगृह से हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई। शंखनाद व घंटे-घडिय़ाल के बीच भोर में तीन बजे चार पात्रों में फूल व अक्षत के बीच रामलला समेत चारों भाइयों की पालकी नए मंदिर के लिए हनुमानलला के साथ प्रस्थान किया। इस बीच स्वस्ति वाचन जारी रहा। रामलला का अद्भुत श्रृंगार, अभिषेक और आरती की गयी। नए स्थान पर विराजमान होने के बाद सुबह 7 बजे तक तरह-तरह के पूजन अर्चन के कार्यक्रम चलते रहे। बाद में श्रीरामलला के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए।

मंदिर निर्माण का पहला चरण पूरा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामलला की पूजन और आरती में भाग लेने के बाद मीडिया से कहा कि अयोध्या मंदिर निर्माण का आह्वान करती है। अब रामलला के मंदिर निर्माण का पहला चरण पूरा हो गया है। जल्द ही भव्य मंदिर बनकर तैयार होगा। इस मौके पर योगी आदित्यनाथ ने राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय को 1़1 लाख का चेक सौंपा। इसके बाद वे गोरखपुर के लिए रवाना हो गए।

देश में आएगी सुख-समृद्धि

इस मौके पर पुजारी सत्येंद्र दास ने कहा कि चैत्र नवरात्रि के प्रतिपदा से श्रीरामलला के विराजमान होने से देश में सुख-समृद्धि और शांति आएगी।

टल सकती है भूमिपूजन की तारीख

ट्रस्ट के सदस्य विमलेंद्र मोहन मिश्र मीडिया को बताया कि कोरोना संक्रमण की वजह से राम मंदिर के निर्माण के लिए भूमि-पूजन की तिथि तय करने के लिए 4 अप्रैल को अयोध्या में प्रस्तावित बैठक के आयोजन पर संशय है। भूमि पूजन के लिए ट्रस्ट के पास कई शुभ मूहूर्त की तिथियां हैं, जिनमें एक तिथि 30 अप्रैल भी है।

कुटी की तरह है अस्थायी मंदिर

अयोध्या में विराजमान रामलला का अस्थाई मंदिर कुटी की तरह तैयार है, इसको जर्मन पाइन लकड़ी व कांच से बनाया गया है। इसका प्लेटफार्म संगमरमर से तैयार किया गया है। यह फाइवर से ढंका है। श्रीरामलला के एकाउंट में 2.81 करोड़ रु. नकद, 8.75 करोड़ की एफडी है। हर रोज खाते में राशि जमा हो रही है।

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नितिन श्रीवास्तव
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