हजारों वर्षों बाद बदली परंपरा रामलला के मंदिर में मनाया गया अन्नकूट

अयोध्या में दीपावली के दूसरे दिन छप्पन भोग लगाकर मनाया गया अन्नकूट महोत्सव

By: Satya Prakash

Published: 15 Nov 2020, 04:33 PM IST

अयोध्या : सजा दो घर को गुलशन सा अवध में राम आए हैं लगे कुटिया भी गुलशन सी प्रभु श्री राम आये हैं। राम नगरी अयोध्या मैं भगवान श्री राम के आगमन को लेकर शुरू हुई दीपावली की परंपरा आज भी प्रत्येक वर्ष बड़ेे ही धूमधाम से मनाया जाता है दीपावली के दूसरे दिन अन्नकूट पर्व मनाया गया। अयोध्या के मठ मंदिरों में अन्नकूट महोत्सव के आयोजन में विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाकर भगवान की आरती व भजन के बाद भोग लगाकर किया गया। वहीं इस वर्ष पहली राम जन्मभूमि परिसर के अस्थाई मंदिर में विराजमान भगवान श्री राम लला को भी छप्पन भोग लगाकर आरती उतारी गई। इस अन्नकूट महोत्सव का हजारों वर्षों के बाद पहला मौका हैैैै जब भगवान श्री राम लला सुंदर भवन में बैठकर 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग ग्रहण करते हैं।

पुराणों में ऐसी मान्यता है कि चौदह वर्ष का वनवास पूरा कर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम जब अयोध्या पहुंचे तो उनके अयोध्यावासियों ने दिवाली मनाई थी। दिवाली के दूसरे दिन अयोध्यावासियों ने उन्हें छप्पन प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया, तब से यह परम्परा चली आ रही है। लेकिन दशकों से अयोध्या के राम जन्मभूमि परिसर में यह व्यवस्था तो जरूर वैकल्पिक रूप में मनाई जाती रही लेकिन आज फिर भगवान श्री रामलला सुंदर भवन में अन्नकूट मनाया गया। रामजन्म भूमि केे पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि अन्नकूट पर छप्पन प्रकार के व्यंजनों से भोग लगाए जाने की परंपरा सदियों पुरानी है दीपावली के दूसरेेेे दिन अयोध्या के मंदिरों में यह परंपरा मनाई जाती है और रामलला के दरबार में भी भगवान जब टेंट में विराजमान थे तब अभी 56 प्रकार के भोग लगाया गया है। और इस वर्ष जब भगवान एक सुंदर भवन में विराजमान है ऐसा मौका हजारों वर्षों के बाद आया है जब सुंदर भवन में भगवान को अन्नकूट के मौके पर 56 भोग लगाया गया।

Show More
Satya Prakash
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned