लाल किले पर उपद्रव खालिस्तानी साजिश, आंदोलन करने वाले नेताओं पर लगे रासुका : संत

दिल्ली में किसान आंदोलन की आड़ में देश के खिलाफ रचा गए षड्यंत्र में देश गद्दार भी शामिल, हो उच्चस्तरीय जांच : संत

By: Satya Prakash

Published: 28 Jan 2021, 10:12 AM IST

अयोध्या : गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली के लाल किले में हुई घटना देश के लिए काला इतिहास बन गया जब किसान आंदोलन के नाम पर उपद्रवियों ने दिल्ली के लाल किले पर जमकर बवाल कर तोड़फोड़ की और किले पर खालिस्तानी झंडा फहरा इस विवाद को लेकर जहां पूरा देश आक्रोशित है तो वही अयोध्या के संत केंद्र सरकार से बवाल करने वाले इन उपद्रवियों पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किए जाने के साथ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने कहा कि किसान आंदोलन के नाम पर लाल किले पर हुए बवाल कि हम घनघोर निंदा करते हैं प्रधानमंत्री से निवेदन है कि जिन लोगों लाल किले पर बवाल किया है उन्हें देशद्रोह की धारा में मुकदमा पंजीकृत किया था जाना चाहिए क्योंकि देश की भावना लाल किले से जुड़ी हुई है कल की घटना को लेकर पूरे हिंदुस्तान में आक्रोश है दुख है साथ ही आंदोलनकारी नेताओं को घेरते हुए कहा कि वह लोग तब कहां गए थे जब लाल किले पर तिरंगे का अपमान हुआ और खालिस्तानu[p का झंडा फहराया गया सरकार से मांग की गई है इन सभी लोगों के ऊपर देशद्रोह के तहत मुकदमा पंजीकृत किया जाना चाहिए पूर्व में भी इस तरीके का बयान सामने आया था कि जो भी खालिस्तान का झंडा लाल किले पर लहराएगा उसे एक करोड़ रुपए का इनाम दिया जाएगा इस मामले की जांच होनी चाहिए जिन लोगों ने भारत के लिए संघर्ष किया कुर्बानियां दिया उन लोगों को मन में किस तरीके की भावनाएं चल रही होगी यह अच्छी बात नहीं है।

तपस्वी जी की छावनी के महंत परमहंस दास ने कहा कि दिल्ली में लाल किले पर प्रदर्शनकारियों ने जिस तरीके से हमला किया नंगी तलवारें भांज रहे थे प्रशासन पर ट्रैक्टर चढ़ाने का प्रयास किया जा रहा था इस मामले पर न जाने कितने पुलिसकर्मी घायल हुए जबकि शासन प्रशासन और सरकार लगातार किसानों के लिए प्रयासरत थी यह प्रशासन और सरकार के सहनशीलता की पराकाष्ठा थी। संत परमहंस दास ने आंदोलनकारी किसानों को नकली किसान की संज्ञा दी है और कहा कि चाइना पाकिस्तान और आतंकियों के इशारे पर जो खालिस्तानी समर्थक है और सत्ता विरोधी पार्टियों के द्वारा यह प्रायोजित षड्यंत्र है कि 26 जनवरी के दिन पूरे विश्व में देश का मजाक उड़ाया गया इस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए हमारे देश की शान तिरंगा है और उपद्रवियों ने तिरंगा तक का अपमान किया है पूरा देश इस पर इंसाफ चाहता है किसान मोदी जी के साथ में है यह किसानों के हित का बिल है इसमें किसानों की दशा और दिशा दोनों का ही बदलाव हो जाएगा लेकिन किसान के आड़ में सियासत करने वाले लोग चाइना पाकिस्तान और आतंकियों के द्वारा फंडिग लेकर के देश को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं इस प्रदर्शन की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए उपद्रवियों ने संविधान की धज्जियां उड़ाई तिरंगा का अपमान किया इस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए किसान नेताओं के ऊपर रासुका लगाने की मांग की है सरकार के साथ वार्ता कर विश्वासघात किया है

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