Sawan Ka Somwar : राम की नगरी अयोध्या में आस्था और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा सावन का पहला सोमवार

Sawan Ka Somwar : राम की नगरी अयोध्या में आस्था और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा सावन का पहला सोमवार

Anoop Kumar | Updated: 22 Jul 2019, 10:03:31 AM (IST) Ayodhya, Ayodhya, Uttar Pradesh, India

अयोध्या के प्रसिद्ध नागेश्वरनाथ महादेव मंदिर,क्षीरेश्वर नाथ महादेव मंदिर पर श्रद्धालुओं का लगा तांता

अयोध्या : इन दिनों भगवान शिव ( bhagwan shiv ) का विशेष मास सावन ( sawan ) चल रहा है | सावन के 30 दिनों में भगवान शिव की आराधना पूजा ( Shiv Ki Aradhna ) और उनका दर्शन अभिषेक ( Rudrabhishek ) करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है | इसी मान्यता के चलते सावन के तीसों दिन देशभर के प्रमुख शिव मंदिरों में शिव भक्तों की कतार लगी रहती है | खासतौर पर सावन मास में पड़ने वाले सोमवार ( sawan ka somwar ) को यह भक्ति और उल्लास अपने चरम पर होता है | इसी कड़ी में साल 2019 के सावन मास में भी सावन के पहले सोमवार पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम ( Bhagwan Shri Ram ) की पावन नगरी अयोध्या ( Ayodhya ) के शिव मंदिरों में भक्तों श्रद्धालुओं का ताता लगा हुआ है | ब्रह्म मुहूर्त से ही हाथों में जल लेकर प्राचीन नागेश्वरनाथ मंदिर ,( Nageshwarnath Mandir ) क्षीरेश्वर नाथ ( Ksheereshwar Nath Mandir ) मंदिर सहित अयोध्या के अन्य प्रमुख शिव मंदिरों में शिव भक्तों की कतार लगी है |

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अयोध्या के प्रसिद्ध नागेश्वरनाथ महादेव मंदिर,क्षीरेश्वर नाथ महादेव मंदिर पर श्रद्धालुओं का लगा तांता

पौराणिक मान्यता के अनुसार सावन के सोमवार ( Sawan Ka Somwar 2019 ) को भगवान शिव का अभिषेक करने उनका दर्शन पूजन करने से व्यक्ति की मनोवांछित कामना पूर्ण होती है और उसके जीवन में सुख समृद्धि आती है | सावन के सोमवार के मौके पर धार्मिक नगरी अयोध्या ( Ram Nagari ayodhya ) के सरयू नदी के तट के किनारे स्थित राम की पैड़ी पर विराजमान नागेश्वरनाथ महादेव का दर्शन करने के लिए ब्रह्म मुहूर्त सही वक्त श्रद्धालु कतार बद्ध नजर आए | हाथों में लोटे में जल और दूध लिए भगवान शिव का अभिषेक करने के लिए कड़ी धूप में शिवभक्त ( Shivbhakt ) मंदिर के बाहर लाइन लगाए खड़े हैं | प्राचीन नागेश्वरनाथ मंदिर के बारे में मान्यता है कि इसकी स्थापना भगवान के राम के पुत्र महाराजा लव और कुश ने ( Maharaja Lav And Kush ) की थी इसी कारण इस पौराणिक शिव मंदिर का विशेष महत्व है | इसी तरह प्राचीन क्षीरेश्वर नाथ मंदिर में भी भगवान शिव के भक्तों का तांता लगा हुआ है और भक्त श्रद्धालु पूरी आस्था के साथ दर्शन और पूजन कर रहे हैं |

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