Patrika Special : गठिया रोग को जड़ से समाप्त करने का घरेलू उपचार

किसी भी घरेलू उपचार के लिए एक बार जरूर आयुर्वेदिक डॉक्टर से जरूर ले सलाह

By: Satya Prakash

Published: 01 Aug 2021, 10:17 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
गठिया रोग का 8 घरेलू उपचार को लेकर अयोध्या के आयुर्वेदिक डॉक्टर आर. पी. पांडे द्वारा सलाह लिया गया है।

1. आलू का रस – आलू का रस का सेवन गठिया के दर्द को दूर करने में मदद मिलता है। आलू के रस का सेवन करने से गठिया के मरीजों के लिए लाभदायक रहता है।

2. बथुवा का रस – बथुवा एक तरह की हरी पत्ती वाली सब्जी है। बथुवा में बहुत तरह के विटामिन और कैल्शियम होते है। जो मांसपेशियो के लिए बहुत अच्छा रहता है। गठिया के दर्द से राहत पाने के लिए बथुवा का रस का सेवन करना चाहिए।

3. एलोवेरा जेल – एलोवेरा जेल को बहुत से रोगो का औषधी मानी जाती है। एलोवेरा जेल का उपयोग आयुर्वेदिक दवाओं में भी किया जाता है। गठिया में एलोवेरा जेल बहुत लाभदायक होता है। एलोवेरा को काटकर जेल निकले व दर्द के स्थान पर लागले। इससे मरीज को बहुत आराम मिलेगा।

4. हरी पत्तेदार सब्जी – जोड़ो के दर्द में हरी सब्जियों का सेवन रोजाना करना चाहिए। हरी सब्जियों में बहुत से पौष्टिक तत्व और खनिज होते है। जो शरीर को पूर्ण रूप से पोषक तत्व देते है। जोड़ो के दर्द से राहत दिलाते है। क्योंकि हरी पत्तेदार सब्जिया शरीर को कैल्शियम प्रदान करती है। जो की हड्डियों के लिए बहुत लाभदायक होते है।

5. अदरक के फायदे – अदरक में बहुत से गुण होते है। बहुत से रोगो के लिए अदरक बहुत अच्छा घरेलु उपचार माना जाता है। अदरक का सेवन जरूर करना चाहिए। सब्जी, सुप, अदरक का रस इत्यादि का सेवन करना चाहिए। हड्डियों की समस्या को दूर करने के लिए अदरक का उपयोग जरूर करना चाहिए।

6. लहसुन का उपयोग – लहसुन रक्त को साफ़ करने में बहुत लाभदायक होता है। लहसुन की दो या चार कालिया को खाना चाहिए। इससे गठिया के दर्द से आराम मिलता है। इसके अलावा लहसुन की कालिया को राई या जैतून के तेल में गर्म करके अच्छे से जोड़ो की मालिश करें। ऐसा कम से कम दो हफ्ते करे। इससे गठिया का दर्द जल्द ही दूर हो जायेगा। इससे शरीर को किसी तरह का नुकसान नहीं होता है।

7. अश्वगंधा का चूर्ण –अश्वगंधा प्राकृतिक रूप प्रसिद्ध औषधीय है। जो सभी तरह के दर्द के लिए बहुत फायदेमंद होता है। गठिया के दर्द को दूर करने के लिए अश्वगंधा का चूर्ण का सेवन करना चाहिए। अश्वगंधा के चूर्ण को पानी में मिलाकर सुबह और शाम को पीना चाहिए। इससे दर्द से राहत जल्दी मिलता है।

8. अरंडी का तेल – अरंडी का तेल से जोड़ो की अच्छे से मालिश करना चाहिए। लगातार दो हफ्तों तक मालिश करने से गठिया के दर्द से राहत मिलती है। अरंडी के तेल में प्राकृतिक गुण होते है। जो दर्द को अवशोषित करता है।

उपचार के पहले ध्यान रखे कि गठिया रोग के रोगी चावल, मूली, नींबू, दही, खीरा, टमाटर, उर्द की दाल, राजमा, कटहल और फूलगोभी, बैगन, बंडा, घुईया आदि बादी वस्तु का सेवन नहीं करेंगे।

नोट :- शुगर के मरीज आलू और बवासीर के मरीज लहसुन का प्रयोग नहीं करेंगे।

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