धन्नीपुर मस्जिद निर्माण शुरू, मस्जिद निर्माण के लिए घर-घर चंदा नहीं मांगेगा ट्रस्ट

- बैंक खाते में देनी होगी सहयोग राशि
- नींव की मिट्टी परीक्षण के लिए भेजी गयी
- स्वाइल टेस्ट की रिपोर्ट आते ही तेज होगा काम

By: Neeraj Patel

Published: 30 Jan 2021, 05:32 PM IST

महेंद्र प्रताप सिंह
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
अयोध्या. रामनगरी में भव्य राममंदिर के साथ ही रौनाही में पांच एकड़ भूमि पर प्रस्तावित आलीशान धन्नीपुर मस्जिद प्रोजेक्ट की शुरुआत गणतंत्र दिवस को तिरंगा फहराकर हो गयी। इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ट्रस्ट ने बेहद ही सादे समारोह में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए धन्नीपुर प्रोजेक्ट मानवता को समर्पित किया। ट्रस्ट ने फैसला किया है कि निर्माण में आने वाले खर्च के लिए घर-घर चंदा नहीं मांगा जाएगा। हिंदू-मुस्लिम और अन्य धर्मों के लोग जिन्हें मानवता की सेवा में यकीन है वो ट्रस्ट के बैंक खाते में सहयोग कर सकते हैं।

शरीयत में मस्जिद की नींव रखने का कोई विशेष प्रावधान नहीं
रामजन्मभूमि स्थल से 25 किमी दूर ट्रस्ट को सोहावल तहसील के गांव धन्नीपुर में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मस्जिद निर्माण के लिए पांच एकड़ भूमि मिली है। इस भूमि के एक छोर पर धन्नीपुर गांव तो दूसरे छोर पर रौनाही गांव है। यह भूमि अयोध्या- लखनऊ हाईवे से लगी धन्नीपुर राजस्व गांव में है। इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ट्रस्ट का कहना है कि शरीयत में मस्जिद की नींव रखने का कोई विशेष धार्मिक प्रावधान नहीं है। इसीलिए बेहद सादे समारोह में इस प्रोजेक्ट को शुरू किया गया। किसी विशेष सदस्य या राजनेता को भी इस मौके पर आमंत्रित नहीं किया गया। मस्जिद की मजबूती के लिए नींव निर्माण से पहले निर्माण स्थल की मिट्टी को खोदकर उसको परीक्षण के लिए भेजा गया। मस्जिद निर्माण में लगी तकनीकी संस्था 20 फुट गहराई से मिट्टी निकाल कर भूमि परीक्षण का कार्य कर रही है। स्वाइल रिपोर्ट आने के बाद अयोध्या विकास प्राधिकरण से निर्माण अनुमति ली जाएगी।

प्रोजेक्ट पर 120 करोड़ रुपये से अधिक खर्च का अनुमान
धन्नीपुर प्रोजेक्ट में 120 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है। ट्रस्ट के सदस्यों का कहना है कि सबसे ज्यादा खर्च 200 बेड के सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल पर आएगा। इसमें करीब 100 करोड़ रुपये से ऊपर खर्च होने का अनुमान है। इसके अलावा मस्जिद, म्यूजियम, लाइब्रेरी, कम्युनिटी किचन, इंडो इस्लामिक कल्चरल रिसर्च सेंटर बनाने में करीब 20 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च होगी। यह अभी प्रारंभिक आंकलन है। बाद में खर्च कुछ और बढ़ सकता है।

अहमदुल्लाह को समर्पित होगी मस्जिद
ट्रस्ट धन्नीपुर मस्जिद प्रोजेक्ट को देश के प्रथम स्वाधीनता संग्राम यानी गदर के सेनानी मौलवी अहमदुल्ला शाह को समर्पित कर सकता है। 1857 की क्रांति में शाह ने अहम भूमिका निभाई थी। लोग इन्हें मौलवी 'फैजाबादी' भी कहते थे। शाह ने फैजाबाद की मस्जिद सराय को बागियों की क्रांतिकारी गतिविधियों का केंद्र बनाया। झांसी की रानी, नाना साहब, वीर कुंवर सिंह, बेगम हजऱत महल आदि स्वतंत्रता सेनानियों के कंधे से कंधा मिलाकर यह अपनी टोली के साथ फिरंगी सेना पर टूट पड़े थे। गोरी सेना को रौंदते हुए पांच जून 1858 को शहादत पायी। धन्नीपुर मस्जिद के जरिए शाह की शहादत को याद करते हुए राष्ट्रीय एकता का संदेश देने की कोशिश होगी। भगवान राम भी तो सामाजिक समसरता के ही प्रतीक रहे हैं। अयोध्या में मस्जिद और राम मंदिर का निर्माण विविधता में एकता का ही पर्याय है। आपको यह शो पसंद आया तो लाइक करें, शेयर करें।... और हां, कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर लिखें।

धन्नीपुर मस्जिद में खास

भूतल-कुल क्षेत्रफल, 717.6 वर्ग मीटर
सभा स्थल- 622.16 वर्ग मीटर
नमाज पढऩे का स्थल-734.83 वर्ग मीटर
कुल क्षमता- 550 व्यक्ति
प्रथम तल-कुल क्षेत्रफल,1143.46 वर्ग मीटर
सभा स्थल-543.62 वर्ग मीटर
नमाज पढऩे का स्थल-548 वर्ग मीटर
कुल क्षमता-450 व्यक्ति

अस्पताल में खास
कुल क्षेत्रफल-24150 वर्ग मीटर
बेसमेंट -9000 वर्ग मीटर

कुल तल - पांच
भूतल - ओपीडी, इमरजेंसी वार्ड, फार्मेसी, डायगनोस्टिक सेंटर, वेटिंग एरिया
प्रथम तल-मैटरनिटी वार्ड, ऑपरेशन थियेटर,स्टॉफ जोन, वेटिंग एरिया,नर्स स्टेशन, आइसीयू, एनआइसीयू
द्वितीय तल-फार्मेसी, नर्स स्टेशन, जनरल वार्ड, शेयर्ड वार्ड, स्पेशल वार्ड, स्टॉफ एरिया, कैफेटेरिया, प्रतीक्षालय
तृतीय तल-फार्मेसी, नर्स स्टेशन, जनरल वार्ड, शेयर्ड वार्ड, स्पेशल वार्ड, स्टॉफ एरिया, कैफेटेरिया, वेटिंग एरिया
चतुर्थ तल-फार्मेसी, नर्स स्टेशन, जनरल वार्ड, शेयर्ड वार्ड, स्पेशल वार्ड, स्टॉफ एरिया, कैफेटेरिया, वेटिंग एरिया

म्यूजियम
कुल क्षेत्रफल-500 वर्ग मीटर
पुस्तकालय-118.4 वर्ग मीटर

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