विहिप ने भरी हुंकार, वही मंदिर रहेगा आधार

रामलला मंदिर में पूजा पाठ के लिए निर्मोही अखाड़ा के समर्थन में आई विहिप

अयोध्या : राम जन्मभूमि मामले को लेकर आए फैसले के बाद अब विश्व हिंदू परिषद ने भी मंदिर निर्माण को लेकर पूरी तरह कमर कस ली है। राम मंदिर के मॉडल लेकर चल रही चर्चाओं के बीच विहिप ने स्पष्ट कर दिया है कि मंदिर का मॉडल वही रहेगा। उसी तरह से मंदिर बनाया जाएगा। मंदिर निर्माण के लिए रखी शिलाएं 60 फीसदी तक तराशी जा चुकी हैं। कार्यशाला में तीन लाख से ज्यादा पूजित शिलांए कार्यशाला में रखी हुई हैं। जल्द सभी कार्य को संपूर्ण कर लिया जाएगा। विहिप का मूल उददेश्य मंदिर निर्माण है। इसका निर्वाहन हर तरह से किया जाएगा। यह बात बुधवार को राम जन्मभूमि न्यास कार्यशाला में विहिप के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक दिनेश चंद्र ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही।

विहिप के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक दिनेश चंद्र यह साफ कहा कि राम मंदिर के निर्माण में तीन वर्ष से अधिक समय लगेगा। निर्माण के समय भगवान श्री रामलला की प्रतिमा को परिसर में ही अस्थाई मंदिर बनाकर स्थापित किया जाएगा। निर्माण के दौरान रामलला के पूजा पाठ को नहीं रोका जाएगा। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट में राम जन्मभूमि न्यास और विश्व हिंदू परिषद को यदि नहीं शामिल किया जाता है तो हम केंद्र सरकार से इस मॉडल के ही मंदिर बनाए जाने का आग्रह दृढ़ संकल्प के साथ करेंगे। मुस्लिम समाज को 5 एकड़ भूमि दिए के मामले पर उन्होंने कहा कि विहिप हमेशा से यही मानना रहा है कि मस्जिद का निर्माण अयोध्या सांस्कृतिक सीमा के बाहर हो लेकिन बाबर के नाम से तो मस्जिद कतई नहीं होनी चाहिए। यह पूरा देश में स्वीकार्य नहीं होगा। वहीं निर्मोही अखाड़ा द्वारा रामलला के पूजन अर्चना का समर्थन किया।

विहिप के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक दिनेश चंद्र ने राम भक्तों का आहावन करते हुए कहा है कि राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ होते ही बड़ी संख्या में दान देने की प्रक्रिया चल पड़ी है। ऐसे में सभी राम भक्तों से निवेदन है कि अभी वह किसी भी ट्रस्ट या समिति को दान न दें। सरकार द्वारा नए ट्रस्ट के गठन होने के बाद ही उसी को दान करें। राम जन्म भूमि का विकास सरकार करेगी लेकिन मंदिर का निर्माण हिंदू समाज करेगा। विश्व हिंदू परिषद ने सवा रुपए लेकर आठ करोड़ इकटठा किया। इसके साथ ही शिलाएं तराशी जाने लगी। और हमेशा दान के पैसे का हिसाब विहिप हर साल केंद्र सरकार को देता है। अब तक 50 करोड़ रुपए से ज्यादा पत्थर तरासी करने में लग चुका है।

विहिप के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक दिनेश चंद्र ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रभु राम की सरयू तट पर विशाल प्रतिमा लगाए जाने की घोषणा की है। ऐसे में उनका अनुरोध है कि प्रतिमा अजानबाहू की बने और अयोध्या की तरफ आशीर्वाद देने वाली मुद्रा में लगाई जाए। इसके अलावा अयोध्या में धार्मिक, पौराणिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को लेकर एक शोध केंद्र भी विकसित किया जाए। अयोध्या की गलियों को इस तरीके से विकसित किया जाए, जिससे पर्यटकों में पौराणिकता का एहसास बना रहे।

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