योगी राज में महिलाएं असुरक्षित, आजमगढ में दो माह में 19 बलात्कार, 53 के साथ छेड़खानी

 योगी राज में महिलाएं असुरक्षित, आजमगढ में दो माह में 19 बलात्कार, 53 के साथ छेड़खानी
Rape in Yogi Government

योगी सरकार बनने के बाद आजमगढ़ में महज दो महीने में हो गए 19 बलात्कार, 53 लड़कियों संग छेड़खानी।

आजमगढ़. सूबे में नई सरकार का गठन हुए दो माह से ज्यादा दिन हो गए। नवगठित सरकार ने सत्ता की कुर्सी संभालने से पूर्व महिला अपराध पर रोक लगाने का चुनावी दावा तो किया लेकिन उस पर कोई अमल नहीं हो पा रहा है। सरकार के बनते ही छेड़खानी जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए एंटी रोमियो सेल का गठन किया गया, लेकिन इसका प्रभाव केवल कागजों पर ही नजर आ रहा है। जनपद में आए दिन दुष्कर्म व छेड़खानी की घटनाएं हो रही हैं।


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पांंच साल की बच्ची से रेप का आरोपी


महिला अपराध पर अंकुश लगाने का दावा सफेद हाथी साबित होने लगा है। शाम ढलते ही दैनिक खरीदारी के लिए घर से निकलने वाली महिलाएं अब घर से निकलने में परहेज कर रही हैं। कारण कि आए दिन छेड़खानी व चेन छिनैती की घटनाएं उन्हें घरों में रहने के लिए मजबूर करती नजर आ रही है।



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परीक्षा देकर आ रही थी उस समय हो गई हैवानियत की शिकार


कामकाजी महिलाएं भी शाम ढलते ही घरों में कैद होने की जल्दी में भागती दौड़ती नजर आती हैं। महिलाओं के साथ होने वाले अपराध पर रोक लगाने का सरकारी दावा पूरी तरह फेल नजर आ रहा है। किशोर व युवा लड़कियां तो बगैर अभिभावक के सड़कों पर निकलना मुनासिब नहीं समझती।
 

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पुलिस ने रेप की घटना का किया खुलासा, पकड़े गए आरोपी


हाल के दिनों में दुष्कर्म व छेड़खानी की घटनाओं ने उन्हें घरों में कैद रहने के लिए मजबूर कर दिया है। सरकारी दावे के अनुसार जनपद में भी एंटी रोमियो सेल का गठन किया गया लेकिन इसका कोई असर नहीं नजर आता। स्कूलों व कालेजों के पास होने वाली छेड़खानी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सादे वेश में पुलिस कर्मियों की तैनाती की बात तो अधिकारी करते हैं, लेकिन सब कुछ हवा-हवाई साबित हो रहा है।



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रेप की घटना के बाद आरोपित को फांसी के लिये प्रदर्शन


लड़कियों के स्कूल व कालेजों में परीक्षा समाप्त होने के बाद ग्रीष्मावकाश के चलते शिक्षण संस्थान बंद हैं। इसके चलते छेड़खानी की घटनाओं में कुछ कमी जरूर आई है, लेकिन इस तरह के अपराध जनपद में खूब बढे हैं। प्रदेश की पूर्ववर्ती सरकार और वर्तमान सरकार के कार्यकाल में दो माह के भीतर महिला अपराधों पर नजर डाली जाए तो सरकारी आंकड़े बताते हैं कि अखिलेश यादव की सरकार के दौरान गत जनवरी माह में जिले में दुष्कर्म की तीन व छेड़खानी की आधा दर्जन घटनाएं संबंधित थानों में दर्ज की गई।



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बढ़ती रेप की घटनाओं के बाद सपा ने उठाए सवाल



वहीं फरवरी माह में दुष्कर्म की छह तथा छेड़खानी की 14 घटनाएं सपा सरकार के कार्यकाल में सरकारी आंकड़ों में दर्ज की गई। अब यदि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के दो माह के कार्यकाल में जनपद में होने वाले महिला अपराध पर नजर डाली जाए तो अप्रैल माह में दुष्कर्म की आठ तथा छेड़खानी की 25 घटनाएं प्रकाश में आई, वहीं मई माह में महिला अपराध का आंकड़ा अपने शीर्ष पर पहुंच गया। इस महीने में दुष्कर्म की 11 तथा छेड़खानी की 28 घटनाएं पुलिस आंकड़ों में दर्ज की गई। आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो वर्तमान सरकार से पिछले सरकार का दो माह का कार्यकाल खासतौर से महिला अपराध के प्रति बेहतर रहा।
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