मानक के अनुरूप नहीं मिली 2 लाख 21 हजार एफएमडी वैक्सीन होगी नष्ट

पशुओं को खुरपका-मुंहपका रोग से बचाने के लिए वैक्सीनेशन खटाई में पड़ सकता है। कारण कि इंडियन इम्यूनोलाजिकल सेंटर हैदराबाद द्वारा निर्मित वैक्सीन अधोमानक पायी गयी है। अब इस वैक्सीन को नष्ट किया जाएगा।

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. पशुओं को खुरपका-मुंहपका जैसेे गंभीर रोग से बचाने के लिए टीकाकरण अभियान खटाई में पड़ सकता है। कारण कि जिले में बची शेष दो लाख, 21 हजार एफएमडी वैक्सीन नष्ट की जाएगी। कोल्डचेन से बाहर आने से पहले यह वैक्सीन टेस्टिग में अधोमानक पाई गयी है। वैक्सीन का निर्माण इंडियन इम्यूनोलाजिकल सेंटर हैदराबाद द्वारा किया गया था। अब वैक्सीन आपूर्तिकर्ता संस्था नैफेड के अधिकारियों के सामने इसे नष्ट किया जाएगा। इसके बाद नई वैक्सीन मिलने पर ही टीकाकरण हो पाएगा।

बता दें कि पुशओं का टीकाकरण गत वर्ष अक्टूबर से राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान के तहत शुरू किया गया था। सितंबर 2020 में 09 लाख, 39 हजार डोज वैक्सीन जिले को उपलब्ध करायी गयी थी। उक्त वैक्सीन का निर्माण इंडियन इम्यूनोलाजिकल सेंटर हैदराबाद ने किया था। अभियान शुरू होने के बाद वैक्सीन जांच में अधोमानक पाई गई।

जब तक यह जानकारी होती जिले में 07 लाख, 72 हजार, 288 डोज वैक्सीन पशुओं को लगाई जा चुकी थी। अब फिर टीकाकरण शुरू हो रहा था। इसी बीच वैक्सीन को नष्ट करने का निर्देश जारी किया गया है। विभाग वैक्सीन को नष्ट करने की तैयारी में जुटा है। वैक्सीन आपूर्तिकर्ता संस्था नैफेड के अधिकारियों के सामने नष्ट की जाएगी।

मुख्य पशु चिकित्याधिकारी डा. वीके सिंह ने बताया कि शेष एफएमडी वैक्सीन को नष्ट कराने के संबंध में शासन और फिर वीडियो कांफ्रेंसिग में संयुक्त सचिव ने नष्ट करने के संबंध में निर्देश दिए हैं। आपूर्तिकर्ता संस्था के कर्मचारी के सामने इसे नष्ट किया जाएगा।

BY Ran vijay singh

रफतउद्दीन फरीद
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